मुरादाबाद। चेक बाउंस के मामले में अदालत ने बरेली के कोयला व्यापारी को दोषी करार देते हुए एक साल के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 20 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माने की राशि में से 25 हजार रुपये राज्य सरकार के पक्ष में जमा किए जाएंगे।
कांठ रोड स्थित मैसर्स अगवानपुर इंडस्ट्री के मालिक राजेश चौधरी ने जून 2017 में अतिरिक्त न्यायालय में वाद दायर किया था, जिसमें बताया था कि वह कोयला कारोबारी हैं। उनके पास बरेली जनपद के बहेड़ी के रहने वाले देवेश कुमार गर्ग और उनकी पत्नी मृदुला गर्ग कोयला लेने आते थे। आरोप है कि दंपती ने 13 लाख 75 हजार रुपये का कोयला लिया और तीन चेक अलग-अलग राशि के दिए थे, जिन्हें कैश कराने के लिए बैंक में जमा किया गया तो तीनों चेक बाउंस हो गए।
कारोबारी ने इसकी जानकारी दंपती को दी तो वे टालमटोल करने लगे। इसके बाद राजेश चौधरी ने अपने वकील अनुज विश्नोई की मदद से अदालत में वाद दायर किया। मामले की सुनवाई अतिरिक्त न्यायालय के न्यायिक अधिकारी हामिद उल्लाह ने की। सुनवाई के दाैरान कोर्ट ने मामले में मृदुला गर्ग की भूमिका नहीं मानी, क्योंकि चेक देवेश कुमार गर्ग के हस्ताक्षर से जारी किए गए थे, इसलिए कोर्ट ने उन्हें तलब किया। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद देवेश कुमार गर्ग को चेक बाउंस के मामले में दोषी करार देते हुए एक साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई और बीस लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।