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Moradabad News: बिना अनुमति लेकर कोर्ट की क्लर्क ने संस्थागत इंटरमीडिएट की परीक्षा की उत्तीर्ण

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मुरादाबाद। गाजीपुर में जिला एवं सत्र न्यायालय में तैनात रही क्लर्क के खिलाफ भोजपुर थाने में धोखाधड़ी में केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि क्लर्क ने तैनाती के दौरान इंटरमीडिएट की संस्थागत परीक्षा दी थी। जिसमें वह उत्तीर्ण भी हो गई। कोर्ट की शरण लेते हुए महिला की सास ने केस दर्ज कराया है।
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उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जनपद के उमरपुर निवासी गीता चौहान पत्नी गजेंद्र सिंह ने ठाकुरद्वारा कोर्ट में एक प्रार्थनापत्र दाखिल किया था। जिसमें गीता ने बताया था कि बिजनौर के रेहड़ थाना क्षेत्र के दहलावाला निवासी लवली चौहान पुत्री मिथिलेश चौहान 2013 में गाजीपुर स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय में बतौर क्लर्क तैनात थी। लवली की नियुक्त अप्रैल 2013 में हुई थी जबकि 21 नवंबर 2015 को बबली ने क्लर्क पद से त्यागपत्र दे दिया। गीता का आरोप है कि सेवाकाल के दौरान लवली चौहान ने संस्थागत छात्रा के रूप में इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की थी।
जिला जज गाजीपुर की बगैर अनुमति के लवली चौहान यूपी बोर्ड की परीक्षा में शामिल हुई। लवली चौहान भोजपुर स्थित शांति देवी इंटर काॅलेज में 11वीं व 12वीं की संस्थागत छात्रा रही थी। यहां अपनी उपस्थिति भी दर्ज कराई थी। जबकि इस दौरान उसकी तैनाती कोर्ट में क्लर्क के पद पर रही थी। संस्थागत परीक्षा पास करने के बाद ही क्लर्क पद से त्यागपत्र दिया था। भोजपुर थाना प्रभारी संजय पांचाल ने बताया कि आरोपी महिला का ससुरालियों से विवाद चल रहा है। सास की तहरीर पर आरोपी लवली चौहान के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच में सामने आया है कि लवली चौहान ने ससुरालियों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज करा रखा है।
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