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Moradabad News: ई-रिक्शा पलटी, चला रहे 12 वर्षीय बालक की मौत

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कुंदरकी (मुरादाबाद)। गांव हरियाना निवासी सुरेश सैनी के 12 वर्षीय बेटे की ई-रिक्शा पलटने से मौत हो गई। रविवार सुबह करीब 11 बजे संजीव अपने पिता की ई-रिक्शा में मोहल्ले के ही पांच बच्चों को बैठाकर हरियाना-कादलपुर संपर्क मार्ग पर चला रहा था। इस बीच ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर पलट गया। संजीव कक्षा तीन में पढ़ता था और तीन बहनों को इकलौता भाई था।
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कुंदरकी क्षेत्र के गांव निवासी सुरेश सैनी ई-रिक्शा चलाते है। रविवार सुबह करीब 11 बजे उनका 12 वर्षीय बेटा संजीव मोहल्ले के ही पांच बच्चों को ई-रिक्शा में बैठाकर चला रहा था। जब वह हरियाना-कादलपुर संपर्क मार्ग पर स्थित कब्रिस्तान के पास पहुंचा तो ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में छात्र संजीव के सिर में गंभीर चोट आई और उसके नाक से खून बहने लगा। परिजन संजीव को घायल हालत में कुंदरकी में एक निजी चिकित्सक के पास लेकर पहुंचे, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। वहीं गमीमत रही कि ई-रिक्शा में सवार अन्य बच्चों को ज्यादा चोटें नहीं लगीं। छात्र का शव जब उसके घर पर पहुंचा तो परिजनों गम से बेहाल हो गए है। रविवार शाम में छात्र के शव को गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
तीन बहनों का इकलौता भाई था संजीव
हादसे में जान गंवाने वाला संजीव तीन बहनों का इकलौता भाई था। संजीव का शव को देखकर पिता सुरेश सैनी, मां कमला देवी, बहनें कमलेश, कुंती और कृष्णा रोते बिलखते रहे। गमजदा परिजनों को सगे संबंधी और रिश्तेदार ढाढ़स बंधाते रहे। वहीं सहपाठी बच्चे भी गमजदा नजर आए।
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चार साल बाद माता-पिता ने खोया दूसरा बेटा

संजीव के बड़े भाई मुकेश की भी हादसे में ही मौत हो गई थी। करीब चार साल पहले संजीव का बड़ा भाई तापते समय अचानक दौरा पड़ने से आग से झुलस गया था। जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी। अब दूसरा बेटा भी इस दुनिया में नहीं रहा। दोनों बेटों की मौत होने पर पिता सुरेश सैनी और माता कमला देवी पर दुखों का पहाड़ टूट गया है।
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