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भीड़ ज्यादा बसें कम, अधिकारियों के दावों का निकला दम

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मुरादाबाद। रक्षाबंधन मनाने के लिए निकली भीड़ रोडवेज के इंतजामों पर भारी पड़ गई। बृहस्पतिवार को यात्रियों की संख्या के मुताबिक बसें उपलब्ध न होने से भाई के घर जा रहीं तमाम बहनों को बेबसी का सामना करना पड़ा। ऐसी ही स्थिति उन भाइयों की भी रही, जो बहन के घर जाने के इरादे से बस स्टैंड पर पहुंचे थे। बसों की कमी और सीट की मारामारी से तमाम लोगों का छोटा सा सफर ज्यादा लंबा हो गया। इससे कई लोग तय मुहूर्त पर राखी बंधवाने से चूक गए।
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परिवहन निगम की एडिशनल एमडी अन्नपूर्णा गर्ग ने रक्षाबंधन के लिए सभी बसों को ऑनरूट करने के निर्देश दिए थे। साथ ही अतिरिक्त बसों की व्यवस्था करने के लिए भी कहा था। मुरादाबाद में स्टाफ की कमी से रोडवेज प्रबंधन अतिरिक्त बसों की व्यवस्था नहीं कर सका। नतीजे में बस स्टैंड पर सुबह से शाम तक यात्री जूझते नजर आए। सरकार की ओर से बहनों के लिए मुफ्त सफर के एलान के कारण बस स्टैंड पर जुटी भीड़ में महिलाओं की संख्या काफी थी। इनमें से कई के साथ छोटे बच्चे भी थे। यात्रियों के मुकाबले बसें कम होने से महिलाओं और बच्चों को भीषण गर्मी के बीच सफर में ज्यादा समस्याओं का सामना करना पड़ा।
मुरादाबाद डिपो पर दोपहर दो बजे यात्रियों की भीड़ लगी थी। मेरठ, दिल्ली, अमरोहा, देहरादून जाने वाले यात्री बसों के इंतजार में थे। अमरोहा जाने वाली एक बस डिपो पर आकर रुकी तो उसमें चढ़ने के लिए धुक्का-मुक्की होने लगी। 52 सीटर बस में तकरीबन 130 यात्री चढ़ने का प्रयास कर रहे थे। ऐसे में सभी को सीट संभव नहीं थी। महिलाओं ने बच्चों को खिड़कियों से बस में दाखिल किया। कई यात्री चालक के दरवाजे से घुसपैठ करते नजर आए।
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पीतलनगरी डिपो पर दोपहर ढाई बजे रामपुर, हल्द्वानी, बरेली, लखनऊ जाने वाली यात्री बसों की प्रतीक्षा कर रहे थे। पीतलनगरी डिपो की ज्यादातर बसें संभल, चंदौसी, रामपुर रूट पर चलाई गईं। इसक चलते दूसरे शहरों को जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रोडवेज कर्मियों ने माना कि सुबह पांच बजे से ही डिपो पर यात्री जुटने लगे थे। दोपहर में अन्य जनपदों की बसों का संचालन शुरू हो सका। लंबी दूरी के यात्रियों के लिए इंतजाम नाकाफी थे।
स्टाफ की कमी के कारण संचालन योग्य कई बसें रोडवेज कार्यशाला से बाहर नहीं निकल सकीं। इसके चलते अतिरिक्त बसें चलाने की योजना कामयाब नहीं हो सकी। निगम सूत्रों ने बताया कि कागजों में बेशक सभी चालक-परिचालकों की छुट्टियां रद्द हैं लेकिन बृहस्पतिवार को त्योहार के बावजूद कई कर्मचारी अनुपस्थित रहे। तकरीबन 30 बसें पीतलनगरी डिपो के पीछे स्थित कार्यशाला में खड़ी रहीं। यही नहीं रोडवेस के मुरादाबाद परिक्षेत्र की विभिन्न कार्यशालाओं में 80 से ज्यादा बसें खड़ी हैं। यदि प्रबंधन इन्हें ऑनरूट कर ले तो आने वाले दिनों में स्थिति सुधारी जा सकती है।
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