मुरादाबाद। महानगर के अगले दस साल के विकास को लेकर एमडीए द्वारा तैयार मास्टर प्लान - 2031 आंशिक संशोधन के साथ एमडीए बोर्ड की 131 वीं बैठक में पास हो गया। शहर में पीतल कारोबारियों की मांग को देखते हुए महायोजना में विशेष आर्थिक क्षेत्र तक 36 मीटर चौड़े तथा उसके दोनों ओर 500 मीटर चौड़े औद्योगिक क्षेत्र के साथ ही स्पेशल इकोनॉमिक जोन (एसईजेड) के निकट करीब 200 एकड़ के शिल्पग्राम की व्यवस्था दी गई है।
वहीं, दिल्ली व कांठ रोड पर व्यावसायिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बाजार स्ट्रीट तथा उपनगर केंद्रों का प्रावधान भी किया गया है।
कमिश्नरी सभागार में मुरादाबाद विकास प्राधिकरण की संपन्न हुई 131 वीं बोर्ड बैठक में ड्राफ्ट मास्टर प्लान-2031 पर मुहर लगाई गई। करीब चार घंटे तक चली बोर्ड की इस लंबी बैठक में कई विषयों पर गहन चर्चा करने के बाद मास्टर प्लान पर सभी ने अपनी सहमति दी।
वीसी शैलेष कुमार ने बताया कि भविष्य में संभावित मेडिकल कॉलेज, विश्वविद्यालय, अस्पताल, स्टेडियम, बस व ट्रक टर्मिनल के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था महायोजना में की गई है। रामगंगा व गांगन नदी के किनारे सुनियोजित विकास करने के लिए रिवर फ्रंट विकास के दृष्टिकोण से भी जगह आरक्षित की गई है।
बैठक में आयुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने प्राधिकरण को अधिकाधिक मास्टर प्लान रोडों के निर्माण के लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। बोर्ड सदस्य राजू कालरा ने शहर में 2031 की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने का सुझाव दिया गया। सदस्य विकास जैन ने दिल्ली रोड पर आवश्यकता को देखते हुए व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का सुझाव दिया।
बैठक की अध्यक्षता आयुक्त मुरादाबाद मंडल आंजनेय कुमार सिंह ने की। इस दौरान जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह, एमडीए वीसी शैलेष कुमार, प्रभारी नगर आयुक्त अतुल कुमार के अलावा शासन से नामित सदस्य राजू कालरा और विकास जैन आदि मौजूद रहे। बैठक का संचालन सचिव विकास प्राधिकरण राजीव पांडेय ने किया।
रामपुर तिराहा-काशीपुर रोड पर रहेगी मछली मंडी
मास्टर प्लान में मछली मंडी और कैटल कॉलोनी को शहर के बाहर स्थापित स्थापित करने की व्यवस्था बनाई गई है। मछली मंडी के लिए रामपुर तिराहा-काशीपुर रोड पर और कैटल कॉलोनी के लिए रामपुर तिराहा-काशीपुर रोड, काशीपुर-अगवानपुर रोड तथा चंदौसी रोड पर स्थापित करने के लिए व्यवस्था की गई है। प्रस्तावित रिंग रोड को भी स्थान दिया गया है। अनाज मंडी, सब्जी मंडी के लिए भी जगह रखी गई है।
अभ्युदय योजना के भवन निर्माण को अनुमति
बैठक में एमआईटी परिसर में मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के बहुचर्चित भवन के निर्माण की भी अनुमति दी गई। जिससे गरीब तबके के छात्रों को नि:शुल्क कोचिंग के साथ आवासीय सुविधा भी प्राप्त हो सकेगी।
ऑडिटोरियम, सह कन्वेंशन सेंटर को मिली स्वीकृति
बैठक में प्राधिकरण की सोनकपुर योजना में 800 सीटर ऑडिटोरियम सह कन्वेंशन सेंटर की स्थापना की परियोजना को भी स्वीकृति प्रदान की गई। सोनकपुर रेलवे ब्रिज बनकर लगभग तैयार है। जिसकी कनेक्टिंग रोड का कार्य प्राधिकरण करा रहा है। कन्वेंशन सेंटर के आने से प्राधिकरण की सोनकपुर योजना के भी लॉंच किए जाने का रास्ता खुल गया है। साथ ही दिल्ली रोड से सीधी कनेक्टिविटी इसे शहर की सबसे पॉश लोकलिटी के रूप में स्थापित करेगी।
अत्याधुनिक रेजिडेंशियल टाउनशिप मिलने की उम्मीद जगी
प्राधिकरण बोर्ड ने चड्ढा इंफ्राटेक की इंटीग्रेटेड टाउनशिप परियोजना के डीपीआर पर भी विचार करने की अनुमति दी। जिससे भविष्य में शहर को एक अत्याधुनिक रेजिडेंशियल टाउनशिप मिलने की उम्मीद जगी है।
ग्रीन बेल्ट में नहीं किया अधिकांश बदलाव
मास्टर प्लान में ग्रीन बेल्ट के लिए पहले से आरक्षित क्षेत्र में अधिकांश बदलाव नहीं किया गया है। ऐसे कुछ स्थानों का जहां काफी समय से आबादी और औद्योगिक इकाई स्थापित हैं वहां भू-उपयोग बदला गया है। नदी किनारे वाले क्षेत्र को ग्रीन बेल्ट ही रखा गया है।
कोरोना, आपसी टकराव में बीत गए तीन साल
मुरादाबाद। करीब तीन साल पहले महायोजना तैयार करने की शुरू हुई प्रक्रिया बीच में कोरोना काल और आपसी टकराव के कारण बाधित रही थी। तीन जनवरी 2022 को बोर्ड की मंजूरी मिलने के बाद आपत्ति, सुझाव मांगे जाने से गतिविधियों ने तेजी पकड़ी। 15 मार्च 2022 को सार्वजनिक सूचना निर्गत कर आपत्तियां मांगी गई थीं। जिसमें कुल 285 आपत्तियां आई थीं। 25 मार्च से 24 अप्रैल तक आपत्तियों और सुझावों पर सुनवाई हुई। उसके बाद तिथि बढ़ा कर सात मई 2022 कर दी गई। तत्कालीन उपाध्यक्ष मधुसूदन हुल्गी और कमिश्नर के बीच कुछ बिंदुओं पर सहमति नहीं बन पाने के कारण इसे बोर्ड की बैठक में नहीं रखा जा सका। बाद में हुल्गी का स्थानांतरण हो जाने और नए उपाध्यक्ष शैलेष के चार्ज लेने पर पुन: आपत्तियां आमंत्रित कर सुनवाई की गई। कुल प्राप्त 410 आपत्तियों पर सुनवाई एक नवंबर से पांच नवंबर तक की गई थी। वीसी की अध्यक्षता वाली आपत्ति सुनवाई समिति ने आपत्तियों के निस्तारण करने के साथ ही महायोजना पर निर्णय होने का मार्ग प्रशस्त हो गया।
शहर में 189 अवैध कॉलोनियां हैं। उसमें कोई नक्शा पास नहीं होगा। लोग सहयोग करें तो उन कॉलोनियों को वैध करने का प्लान तैयार किया जा सकता है। अवैध कॉलोनियां विकसित करने वालों को चिह्नित किया जाएगा। उन पर गैंगेस्टर की कार्रवाई की जाएगी।अवैध निर्माण तथा ग्रीन बेल्ट के लिए आरक्षित भूमि पर निर्माण करने वालों के निर्माण ध्वस्त किए जाएंगे। दोषी अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी।
आंजनेय कुमार सिंह, कमिश्नर
मास्टर प्लान-2031 का बोर्ड की बैठक में बुधवार अनुमोदन हो गया है। अब इस मास्टर प्लान को शासन को प्रेषित किया जाएगा। जिस पर शीघ्र अनुमति मिलने के आसार हैं। इसके बाद 2031 की महायोजना शहर में लागू हो जाएगी।
शैलेष कुमार, वीसी