रुस्तमपुर खास गांव निवासी नेम सिंह यादव रविवार सुबह खेत में काम रहे थे। उनका सात वर्षीय बेटा सर्वेंद्र उन्हें चाय देने खेत पर जा रहा था। रास्ते में जंगली कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया। जंगल में भूसे के बोंगे बांध रहे किसानों ने हमलावर कुत्तों से बालक को छुड़ाया। इसके बाद परिजन मौके पर पहुंच गए। उसे उपचार के लिए सीएससी बिलारी ले गए, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बालक सर्वेंद्र गांव रुस्तमपुर खास के प्राइमरी स्कूल में कक्षा दो का छात्र था। वह अपनी बहन राधिका के साथ अपने पिता को चाय पिलाने खेत पर जा रहा था। सर्वेंद्र एक बड़ा भाई जितेंद्र और दो बड़ी बहनें रजनी और राधिका हैं। इस घटना के बाद बालक सर्वेंद्र की मां नीरज रोते-रोते बेहोश हो गई।
जंगली कुत्तों के हमले में बालक की जान चली जाने से नाराज रुस्तमपुर खास के ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ओमप्रकाश यादव के नेतृत्व में प्रदर्शन किया और प्रशासन से मांग उठाई की सभी जंगली कुत्तों को विशेष अभियान चलवा कर पकड़ा जाए।
ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में भी यह जंगली कुत्ते कई किसानों की भैंस के बच्चों पर हमला बोल कर उन्हें मार चुके हैं। तथा एक ग्रामीण की बकरीको भी हमला बोलकर मार दिया था। जंगली कुत्तों का यह झुंड बिलारी मुख्य सड़क से गांव को आने वाली सड़क पर रहता है।