केंद्र सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री और किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देने का एलान किया है। चरण सिंह को भारत रत्न दिए जाने पर सभी दलों के नेताओं ने खुशी जाहिर की है। पूर्व प्रधानमंत्री का कांठ से भी नाता रहा है। वे 1968 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहते समय कांठ रियासत में आए थे।
किसान मसीहा चौधरी चरण सिंह के बेटे चौधरी अजित सिंह का विवाह 17 जून 1967 को कांठ क्षेत्र के गांव फत्तेहपुर विश्नोई निवासी सिंचाई विभाग इंजीनियर सुखवीर सिंह की बेटी राधिका सिंह से हुआ था। इस लिहाज से भी पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का कांठ व छजलैट क्षेत्र से गहरा नाता था।
कांठ निवासी कुंवर सुरेंद्र सिंह विश्नोई ने शुक्रवार शाम बताया कि जिस समय पूर्व पीएम चौधरी चरण सिंह 1968 में कांठ रियासत में आए थे। उस समय वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। तत्कालीन कांठ के चेयरमैन कुंवर जितेंद्र प्रताप सिंह ने उनका स्वागत किया था। पूर्व पीएम कांठ में काफी देर रुके थे और कुंवर जितेंद्र प्रताप सिंह से उन्होंने काफी बातें भी की थी। वर्ष 1987 में पिता चौधरी चरण सिंह की मृत्यु के बाद चौधरी अजित सिंह ने राजनीतिक विरासत को संभाली। वह भी कांठ क्षेत्र के लोगों से जुड़े थे। शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न से सम्मानित करने की घोषणा होने से उनके रिश्तेदारों व संबंधियों में भी खुशी का माहौल है।