ठाकुरद्वारा में चार हजार करोड़ की लागत से सेंचुरी पल्प एंड पेपर मिल लगेगी। प्रदेश सरकार और सेंचुरी पेपर मिल प्रबंधन के बीच इस मामले में एमओयू साइन हुआ है। नैनीताल जिले के लालकुआं में भी इस ग्रुप की पेपर मिल स्थापित है।
बिरला ग्रुप ऑफ कंपनीज की सेंचुरी पल्प एंड पेपर मिल की ठाकुरद्वारा में पहले से जमीन थी। यह जमीन वर्षों से खाली पड़ी थी। इस जमीन पर फैक्टरी प्रबंधन चार हजार करोड़ की लागत से एक पेपर मिल स्थापित करना चाहता है। पता चला है कि कुछ किसान इस जमीन पर खेती भी कर रहे हैं। फैक्टरी लगाने के लिए प्रशासन को जमीन को खाली कराना पड़ेगा। उद्योग विभाग के संयुक्त आयुक्त योगेश कुमार ने बताया कि पिछले सप्ताह सरकार और पेपर मिल प्रबंधन के बीच एमओयू पर साइन किया गया है। इस मिल में गन्ने के खोई, गेहूं या जौ के भूसा और बगास से पेपर तैयार करेगा।
व्यापक पैमाने पर बढ़ेगा परिवहन का कारोबार
ठाकुरद्वारा में फैक्टरी चालू होने पर सैकड़ों की संख्या में सामान परिवहन के लिए ट्रकों और अन्य वाहनों की जरूरत पड़ेगी। इस कारण परिवहन कारोबार को कई गुना ताकत मिलेगी। पेपर मिल के कच्चा माल की ढुलाई के लिए ट्रक मालिकों से अनुबंध करती है। इसके अलावा काफी संख्या में कर्मचारियों के आने पर उनके रहने और सामान खरीदने के लिए ठाकुरद्वारा में बाजार की जरूरत होगी। जिले के अधिकारियों का मानना है कि एक फैक्टरी क्षेत्र में लगने पर काफी बदलाव आएगा। लालकुआं में भी पेपर मिल के चलते काफी बदलाव आया है।
मंडल के लोगों को बाहर से नहीं मंगाना पड़ेगा पेपर
सेंचुरी पल्प एंड पेपर मिल पहले से नैनीताल जिले के लालकुआं में स्थित है। इस पेपर मिल में उत्कृष्ट किस्म का पेपर तैयार किया जाता है। पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने इस फैक्टरी को अपने कार्यकाल में लगाया था। वहां मिल में सामान आदान प्रदान करने के लिए रेलवे लाइन बिछाई गई है। ठाकुरद्वारा में मिल चालू होने के बाद मुरादाबाद मंडल और आस पास के लोगों को उचित दर पर पेपर मिलेगा। फैक्टरी से काफी माल देश के अलावा विदेश निर्यात किए जाएंगे।