सीडीओ से विवाद के बाद विकास भवन में विरोध करते बैंक कर्मचारी
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मुरादाबाद के विकास भवन में आयोजित कार्यशाला में सीडीओ ने बैंक प्रबंधक पर नेतागिरी का आरोप लगाकर बाहर दिया। इसके बाद गुस्साए दूसरे बैंक प्रबंधक कार्यशाला का बहिष्कार कर बाहर निकल गए। बैंक प्रबंधकों ने विकास भवन के बाहर आकर सीडीओ पर अभद्रता करने का भी आरोप लगाया।
वहीं उपायुक्त राष्ट्रीय आजीविका मिशन ने काफी देर बैंक प्रबंधकों को मनाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माने। बाद में सभी ने एलडीएम को ज्ञापन सौंपकर चले गए। विकास भवन सभागार में बृहस्पतिवार को स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को ऋण उपलब्ध कराने में आ रही दिक्कतों के समाधान को लेकर कार्यशाला आयोजन किया गया।
प्रशिक्षण के लिए प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक, केनरा बैंक, पीएनबी समेत कई बैंकों के शाखा प्रबंधक कार्यशाला में पहुंचे। सीडीओ सुमित यादव ने दीप जलाकर कार्यशाला की शुरुआत की। इसके बाद भारत सरकार से नामित नेशनल रिसोर्स पर्सन जीबी भुआन और सुधाकर सत्यपति प्रशिक्षण देने लगे।
बताया जाता है कि इसी बीच सीडीओ सुमित यादव ने स्वयं सहायता समूहों को ऋण वितरण को लेकर समीक्षा शुरू कर दी। प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक की कमालपुरी स्थित शाखा के प्रबंधक विवेक शर्मा ने बताया कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के कभी अभिलेख पूरे नहीं होते हैं तो कभी अन्य कमियां रहती हैं। इसकी वजह से उन्हें ऋण उपलब्ध कराने में दिक्कत होती है।
आरोप है कि यह सब सुनकर सीडीओ ने खफा हो गए और उन्होंने विवेक शर्मा से कहा कि नेतागिरी करते हो कार्यशाला से बाहर जाए। यह सुनकर मौजूद अधिकांश बैंक प्रबंधक भड़क गए और विवेक शर्मा के कार्यशाला से बाहर जाते ही वह भी बहिष्कार कर बाहर चले गए।
विकास भवन के बाहर आने पर बैंक प्रबंधकों ने सीडीओ पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए विरोध शुरू कर दिया। इसके बाद सीडीओ भी कार्यशाला से चले गए। बाद में उपायुक्त राष्ट्रीय आजीविका मिशन राजनाथ भगत उन्हें काफी देर मनाने का प्रयास किया, लेकिन बैंक प्रबंधक वापस कार्यशाला में नहीं गए।
बहिष्कार करने वाले बैंक प्रबंधकों ने बाद में लीड बैंक अधिकारी को ज्ञापन दिया। जिसमें सभी ने बहिष्कार का कारण सीडीओ और कार्यशाला में मौजूद उपायुक्त राष्ट्रीय आजीविका मिशन राजनाथ भगत पर अभद्रता करने का आरोप लगाया है।
सीडीओ की ओर से प्रशिक्षण के लिए बैंक प्रबंधकों को बुलाया गया था। लेकिन बाद में सीडीओ स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को ऋण उपलब्ध कराने के कार्य की समीक्षा करने लगे। सभी ने यथा संभव प्रगति भी बताई। मैं प्रबंधकों को आने वाली दिक्कत से अवगत करा रहा था। इस पर सीडीओ और डीसी एनआरएलएम ने अभद्रतापूर्ण व्यवहार किया। सीडीओ ने बाहर जाने को कहा। हम लोगों ने अपने एलडीएम व बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों को इसकी जानकारी दे दी है।
- विवेक शर्मा, शाखा प्रबंधक, प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक कमालपुर
स्वयं सहायता समूह की महिला को बैंकों द्वारा ऋण उपलब्ध कराने के मामले में प्रगति काफी खराब चल रही है। शासन के निर्देश के क्रम में इसमें सुधार के लिए कार्यशाला बुलाई थी। बैंक प्रबंधकों से थोड़ी बहुत कमियों को बैंक स्तर पर ही दूर करने का अनुरोध किया था। लेकिन विवेक शर्मा बार-बार कार्यशाला में नेतागिरी करते हुए बोल कर व्यवधान पैदा कर रहे थे। इसलिए मैंने उनसे कहा कि अगर शासन की मंशा के अनुरूप काम नहीं करना है तो बाहर जाइए। उनके साथ कुछ बैंक प्रबंधक बैठक से चले गए। जबकि कई बैंक प्रबंधक व बैंक अधिकारी कार्यशाला में मौजूद रहे। अभद्रता का आरोप गलत है।
- सुमित यादव, सीडीओ