जिले के अधिकारियों की टीम ने शाहबाद रोड बिलारी स्थित एक क्लीनिक और लैब की जांच की। जांच में अनियमितता मिलने पर समिति ने अपनी रिपोर्ट मंडलायुक्त को दी। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टर और लैब संचालक के खिलाफ बिलारी थाने में केस दर्ज कराया है।
मंडलायुक्त के निर्देश पर एडीएम प्रशासन गुलाब चंद्र, समाज कल्याण के मंडलीय अधिकारी और अपर मुख्य चिकित्साधिकारी की टीम ने 21 अक्तूबर को शाहबाद बिलारी रोड स्थित मलिक मदर एंड चाइल्ड केयर यूनिट का निरीक्षण किया। यहां क्लिनिक में डॉक्टर शाकिर हुसैन कार्य करते हुए मिले। डॉक्टर की योग्यता बीयूएमएस पाई गई। क्लिनिक का पंजीयन मलिक हेल्थ केयर क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी के नाम से था। क्लीनिक के बोर्ड पर अलग नाम अंकित पाया गया। चिकित्सालय में पांच मरीज और एक नवजात शिशु भर्ती पाए गए। मरीजों की फाइल उपलब्ध नहीं थीं। डॉक्टर एलोपैथिक पद्धति से इलाज कर रहे थे। इसी प्रकार एमएस पैथालॉजी जिसका रास्ता मलिक मदर चाइल्ड केयर से जुड़ा था। इसमें दस से अधिक मरीजों की रिपोर्ट मौके पर मिली। इस लैब का पंजीकरण सीएमओ कार्यालय में नहीं था।
लैब संचालक को अधिकारियों ने फोन किया लेकिन मौके पर वह नहीं आया। इस मामले में सभी सामान को सील कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलारी के स्टोर में सुरक्षित रखा गया। न्यूरोमेड डायग्नोस्टिक (अल्ट्रासाउंड) सेंटर जो मलिक मदर एंड चाइल्ड सेंटर से सटे मकान मेंं संचालित था। अल्ट्रासाउंड सेंटर का पंजीकरण नहीं पाया गया। जांच करने पर कागजातों में कमियां पाई गई। 10 महिलाओं के अल्ट्रासाउंड फार्म भरे गए थे लेकिन कागजात पर डॉक्टर के हस्ताक्षर नहीं पाए गए। एडीएम ने बताया कि इस मामले में मलिक मदर एंड चाइल्ड केयर यूनिट के डॉ. डॉक्टर शाकिर हुसैन और लैब संचालक मो. शफीक के खिलाफ बिलारी थाने में केस दर्ज कराया गया है।