शुक्रवार को यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मामले ने तूल पकड़ लिया। वीडियो में यह भी दिखाया गया है कि स्कूल में मिड डे मील बनाने के लिए रसोइया द्वारा छात्रों से गैस सिलेंडर उठवाया जाता है। इसके अलावा खाने से भरे हुए भगौने भी छात्रों से उठवाए जाते हैं।
यह फेक वीडियो है, मुझसे जबरन चार्ज लेने की साजिश है : प्रधानाध्यापिका
टांडा अमरपुर गांव के कम्पोजिट विद्यालय की प्रधानाध्यापक सुमन श्रीवास्तव का कहना है कि यह फेक वीडियो है, जो उनके स्कूल की नहीं है। शिकायत कर मुझसे स्कूल का चार्ज जबरन लेने की साजिश है। वीडियो के संबंध में उन्होंने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया।
25 दिन पहले स्कूल में जाकर जांच करके भेज दी है रिपोर्ट : एबीएसए
खंड शिक्षाधिकारी बिलारी मोहित कुमार का कहना है कि विभागीय उच्चाधिकारियों ने जांच करने को कहा था। 25 दिन पहले टांडा स्थित अमरपुर के स्कूल में जाकर जांच की थी। स्कूली शिक्षकों को इस बात के लिए हिदायत भी दी गई थी कि छात्रों को मामूली बात पर पीटा न जाए। एबीएसए के अनुसार उनकी जांच गोपनीय है और रिपोर्ट बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय को भेजी जा चुकी है।
242 छात्र पंजीकृत, आए केवल 138
टांडा अमरपुर कम्पोजिट विद्यालय में शिक्षण व्यवस्था कैसी चल रही है, इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि यहां कक्षा एक से कक्षा आठ तक कुल 242 छात्र पंजीकृत हैं। शुक्रवार को यहां 138 छात्र ही आए। स्कूल में शिक्षामित्र समेत कुल नौ शिक्षक तैनात हैं, जिनमें से दो को बीएलओ ड्यूटी में लगाया गया है। शिक्षकों से बात करने पर पता चला कि प्रधानाध्यापक ने छात्रों को प्रतिदिन लाइब्रेरी में ले जाने के लिए शिक्षक को कहा था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया तब से प्रधानाध्यापक और संबंधित शिक्षक के बीच समन्वय की कमी है।