मुरादाबाद में पुलिस ऑफिस से सिपाही के बर्खास्तगी की फाइल गायब हो गई। इस मामले में लिपिक राजीव श्रीवास्तव के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। फाइल 21 साल पहले गायब हुई थी। वर्तमान में आरोपी लिपिक फिरोजाबाद में एसआई के पद पर तैनात है।
सिविल लाइंस थाने में पुलिस ऑफिस के प्रधान लिपिक एसआई मुकेश कुमार मलिक ने केस दर्ज कराया है। जिसमें उन्होंने बताया कि यूपी पुलिस के सिपाही बच्चू सिंह 11 जुलाई 2000 को बिजनौर जनपद से तीन दिन के आकस्मिक अवकाश पर गए थे। उन्होंने 15 जुलाई 2000 को ड्यूटी पर आमद दर्ज करानी थी, लेकिन वह नहीं लौटे। बिना सूचना अनुपस्थित रहने पर तत्कालीन डीआईजी ने गैरहाजिर रहते ही प्रशासनिक आधार पर बच्चू सिंह का तबादला बिजनौर से मुरादाबाद कर दिया था। सिपाही को मुरादाबाद के लिए तबादले पर कार्यमुक्त करने के लिए 22 जुलाई 2000 की तारीख तय की गई।
इसके बाद भी वह गैरहाजिर रहा। जबकि सिपाही बच्चू सिंह को बिजनौर से मुरादाबाद के लिए कार्यमुक्त कर दिया गया था। सिपाही को मुरादाबाद में आमद करानी थी। इसके बाद भी वह ड्यूटी पर नहीं पहुंचा। मुरादाबाद के तत्कालीन एसएसपी ने सिपाही बच्चू सिंह को निलंबित दिया था। इसके अलावा उसके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए थे। जांच में दोषी पाए जाने पर सिपाही के खिलाफ पुलिस नियमावली 14(1) के तहत विभागीय कार्रवाई की जिम्मेदारी सीओ संभल को दी गई थी।
सीओ ने अपनी रिपोर्ट 19 सितंबर 2001 को एसएसपी को सौंप दी। इसमें सिपाही बच्चू सिंह के बर्खास्त करने की संस्तुति कर दी थी। सीओ की रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन एसएसपी ने 5 अक्तूबर 2001 को सिपाही बच्चू सिंह को बर्खास्त किए जाने के लिए नोटिस जारी किया था। इसके बाद से वह पत्रावली गायब हो गई थी। एसएसपी ने पत्रावली गायब होने की जांच एसपी ट्रैफिक से कराई। एसपी यातायात की जांच में पता चला कि सिपाही के बर्खास्तगी नोटिस से संबंधित पत्रावली उस समय पुलिस ऑफिस में लिपिक के पद पर तैनात रहे राजीव श्रीवास्तव से गायब हुई है।
राजीव श्रीवास्तव वर्तमान में फिरोजाबाद जिले में एसआई (लिपिक) के पद पर तैनात है और परिक्षेत्र कार्यालय आगरा से संबद्ध है। राजीव श्रीवास्तव ने मुरादाबाद से कार्यमुक्त होते समय बर्खास्तगी नोटिस वाली पत्रावली दूसरे लिपिक को नहीं सौंपी। सीओ सिविल लाइंस अर्पित कपूर ने बताया कि आरोपी राजीव श्रीवास्तव के खिलाफ आईपीसी की धारा 409 के तहत केस दर्ज किया गया है।