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चालक को नहीं पकड़ सकी पुलिस, आरोपी ने कोर्ट में किया सरेंडर

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मुरादाबाद। शिक्षिका जयश्री की मौत का भले ही शासन तक पहुंच गया हो, लेकिन मझोला थाने की पुलिस का रवैया फिर भी नहीं बदला। हादसे के जिम्मेदार कार चालक का नाम सामने आने के बावजूद उसे गिरफ्तार नहीं किया गया। आरोपी ने चुपके से कोर्ट में सरेंडर कर दिया और चौबीस घंटे में ही जमानत मिलने पर जेल से बाहर भी आ गया।
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मझोला थाने के सामने 11 अगस्त को कार ने बाइक में टक्कर मार दी थी। इस हादसे में अमरोहा के हसनपुर निवासी शिक्षिका जयश्री घायल हो गई थीं जबकि बाइक चला रहे स्कूल प्रधानाचार्य घायल हो गए थे। 17 अगस्त को दिल्ली ले जाते समय जयश्री की मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने कार चालक के खिलाफ केस दर्ज किया था।
पुलिस की विवेचना में सामने आया था कि कार अमरोहा के टिकिया गांव निवासी कमाल अहमद की है। वह उत्तराखंड के बद्रीनाथ में बिजली विभाग में वरिष्ठ प्रबंधक के पद पर तैनात हैं। हादसे के वक्त कार उनका चालक मोहम्मद असलम कार चला रहा था। इस मामले में पहले दिन से ही पुलिस ने लापरवाही बरती। परिजनों का आरोप था कि पुलिस ने बिना कार्रवाई के ही चालक और कार को छोड़ दिया था।
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पुलिस के इस खेल की शिकायत एडीजी बरेली जोन और शासन तक पहुंची। तब सीओ सिविल लाइंस आशुतोष तिवारी और तत्कालीन अपराध निरीक्षक अभय राज सिंह का ट्रांसफर दूसरे जनपद कर दिया गया था। इसके बाद भी पुलिस की लापरवाही का सिलसिला अब तक जारी है। आरोपी कार चालक का नाम सामने आने के बावजूद भी उसे पकड़ने का प्रयास नहीं किया गया। पुलिस को चकमा देकर मैैनाठेर के लालपुर निवासी कार चालक मोहम्मद असलम ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। शुक्रवार कोर्ट से जमानत मिलने पर वह चौबीस घंटे में ही जेल से बाहर आ गया।
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