पत्नी शालिनी के साथ सीए श्वेताभ तिवारी(फाइल फोटो)
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सीए श्वेताभ तिवारी को सात गोलियां मारी गई थीं। इनमें से छह शरीर को छलनी करते हुए बाहर निकल गईं, जबकि एक गोली शरीर में ही फंसी मिली। गुरुवार दोपहर डॉक्टरों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया। गोलियों के एंट्री और एग्जिट प्वाइंट देखने के लिए शव का एक्सरे भी किया गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, सीए श्वेताभ तिवारी को 32 बोर की पिस्टल से गोलियां मारी गईं थीं। एक गोली हथेली पर लगी थी। संभवत: उन्होंने हमलावर को देख लिया होगा और पिस्टल को पकड़ने के लिए उन्होंने दाहिने हाथ को आगे बढ़ाया होगा, जिस कारण उनकी हथेली पर गोली लगी और हथेली को चीरते हुए बाहर निकल गई। इसके बाद दो गोलियां पीठ पर मारी गईं थीं। जिसमें से एक बुलेट सीने से बाहर निकल गई, जबकि एक बुलेट सीने के पास ही फंसी मिली।
इन दो गोलियों से लीवर, फेफड़े और दिल फट गया। इनके अलावा उन्हें दो गोलियां सिर में पीछे से मारी गईं। दोनों गोली भेजे को उड़ाते हुए माथे के ऊपरी हिस्से से बाहर निकल गईं, जबकि एक गोली होंठ के पास मारी गई थी, जो जबड़े को चीरते हुए गर्दन से पास से बाहर निकल गई। एक गोली दाहिने कंधे से पार हो गई। पोस्टमार्टम से ये भी पता चला है कि हमलावरों ने पांच से दस मीटर की दूरी से गोलियां चलाईं थीं।
घटना में दो हथियारों का किया गया इस्तेमाल
पुलिस और एसओजी ने पोस्टमार्टम हाउस पहुुंच कर डॉक्टरों से पीएम रिपोर्ट एक एक बिंदु पर जानकारी जुटाई। जिससे पता चला है कि इस हत्याकांड में दो हथियारों का इस्तेमाल किया गया है। श्वेताभ तिवारी को सात गोलियां लगी थीं। जबकि पुलिस और फोरेंसिक टीम को मौके पर आठ बुलेट मिली थीं। संभावना जताई जा रही है कि 32 बोर की पिस्टल का इस्तेमाल किया है।