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Moradabad News: साले से जाने थे सीए श्वेताभ तिवारी का राज, फिर उतारा था मौत के घाट

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मुरादाबाद। सीए श्वेताभ तिवारी की हत्या की साजिश छह माह पहले से रची जा रही थी। इसके लिए ललित कौशिक और उसके साथियों ने सीए के साले संदीप ओझा से उनका राज जाना था। इसके बाद ही आरोपियों ने प्लानिंग के साथ हत्याकांड को अंजाम दिया था। कोर्ट में दाखिल की गई दो हजार पेज की चार्जशीट में पुलिस ने इसका जिक्र किया है। इसके अलावा आरोपियों के बीच फोन पर हुई बातचीत की सीडीआर भी चार्जशीट में साक्ष्य के तौर पर शामिल किया है।
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सिविल लाइंस के साईं गार्डन निवासी श्वेताभ तिवारी की 15 फरवरी को मझोला क्षेत्र में दिल्ली रोड पर उनके दफ्तर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सीए को आठ गोलियां मारी गई थीं। इस मामले में श्वेताभ तिवारी की पत्नी ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने 24 मार्च को हत्याकांड का खुलासा किया था। जिसमें सिविल लाइंस के दीन दयाल नगर निवासी पूर्व ब्लाॅक प्रमुख ललित कौशिक, कोतवाली के रेती स्ट्रीट निवासी विकास शर्मा, भोजपुर के हिमायूंपुर निवासी खुशवंत सिंह उर्फ भीम चौधरी, पाकबड़ा के गिंदौड़ा निवासी शूटर केशव शरण शर्मा को आरोपी बनाया था। इस मामले में पुलिस ने ढाई माह तक विवेचना की। जिसकी चार्जशीट करीब दो हजार पेज की तैयारी की। जिसमें पुलिस ने दावा है कि सीए श्वेताभ तिवारी ने अपने साले संदीप ओझा को अपनी कंपनियों में पार्टनर बना रखा था। उसके नाम पर करोड़ों रुपये की संपत्ति थी। संदीप ओझा कांठ रोड स्थित रेस्टाेरेंट में बैठते हैं। ललित कौशिक ने अपने साथी विकास शर्मा और खुशवंत को संदीप ओझा के पास भेजना शुरू कर दिया था। छह माह तक आरोपी ने संदीप ओझा से बातचीत की। बातचीत में ही उन्होंने संदीप से श्वेताभ तिवारी के राज जाने थे। इसके बाद आरोपी ललित कौशिक के रामगंगा विहार स्थित ऑफिस में जाते थे। जिससे ललित कौशिक और उनके साथियों को पता चला गया था कि श्वेताभ तिवारी कब घर से निकलते हैं। इसके बाद ऑफिस से निकलते हैंं।
ललित कौशिक की योजना था कि वह श्वेताभ तिवारी की हत्या कराने के बाद उनकी प्रॉपर्टी पर कब्जा करेगा। इसके लिए उसने अपने खास शूटर केशव सरण शर्मा और खुशवंत सिंह को जिम्मेदारी सौंपी थी। आरोपियों ने स्पोर्ट्स सामान के कारोबारी कुशांक गुप्ता की तर्ज पर ही अंजाम दिया था। सीओ अर्पित कपूर ने बताया कि लगभग दो हजार पेज की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की गई है। जिसमें बहुत डिटेल में एक एक बिंदु को दर्ज किया गया है। आरोपियों ने श्वेताभ तिवारी के साले से उनके बारे में जानकारियां जुटाई थी। आरोपियों ने करीब छह माह तक श्वेताभ तिवारी की रेकी की और उनके बारे में हर एक जानकारी जुटाई थी। इसके बाद ही हत्याकांड को अंजाम दिया गया था। चारों आरोपी अलग अलग जेल में बंद हैं।
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