फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Moradabad News: दिल्ली, मेरठ, चंदौसी रूट पर कम हो जाएंगी बसें

Sat, 01 Apr 2023 02:48 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
- मुरादाबाद क्षेत्र की 30 पुरानी बसें हो चुकी हैं नीलाम, 150 और होंगी
विज्ञापन


अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। यदि आप मुरादाबाद से दिल्ली, मेरठ या चंदौसी के लिए अकसर रोडवेज सफर करते हैं तो आने वाले दिनों में परेशानी हो सकती है। इन रूटों पर रोडवेज की बसें कम हो जाएंगी। मुरादाबाद क्षेत्र की 30 पुरानी बसें नीलाम हो चुकी हैं। लगभग 150 बसों को और नीलाम किया जाना है।

सरकार की नई कबाड़ नीति के तहत यह कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल मुरादाबाद क्षेत्र के रामपुर, अमरोहा, मुरादाबाद, पीतलनगरी, नजीबाबाद, चांदपुर, बिजनौर डिपो में फिलहाल 451 सरकारी बसें हैं। 150 बसें नीलाम होने के बाद 300 बसें रह जाएंगी। रोडवेज प्रबंधन पुरानी बसों का इस्तेमाल कौशांबी, मेरठ के अलावा अमरोहा, रामपुर व संभल-चंदौसी के लिए करता है। बसें नीलाम होने के बाद लोकल रूटों पर भी यात्रियों को परेशानी हो सकती है। हालांकि इन रूटों पर निजी वाहन काफी चलते हैं लेकिन उनमें किराया ज्यादा है। जबकि बसें कम होने से लंबे रूट पर यात्रियों को काफी इंतजार करना पड़ेगा।
विज्ञापन


मई-जून में बढ़ सकती है परेशानी
मई-जून में स्कूलों की छुट्टियों के समय काफी यात्री रोडवेज बसों से सफर करते हैं। अप्रैल के अंत तक पुरानी बसें नीलाम हो जाएंगी। इससे छुट्टियों में लोगों को बस अड्डों पर बसों के लिए काफी इंतजार करना पड़ सकता है। इससे पहले ईद के मौके पर बसों का टोटा हो सकता है। हालांकि रोडवेज प्रबंधन का दावा है कि अनुबंधित बसों की संख्या तक तक बढ़ा ली जाएगी।

अनुबंधित बसें बढ़ाने पर है जोर
रोडवेज प्रबंधन बसों में 75 व 25 का अनुपात बनाने की कोशिश में है। यानी 75 फीसदी बसें अनुबंधित रहेंगी। जबकि 25 फीसदी सरकारी बसें रखी जाएंगी। जबकि छह माह पहले तक यह अनुपात उल्टा था। पांच महीने में 70 अनुबंधित बसें मुरादाबाद क्षेत्र में शामिल की गई हैं। इनमें से ज्यादातर बसों को गांवों के रूटों पर चलाया जा रहा है।
विज्ञापन


वर्जन
बसें नीलाम होने का असर यात्रियों पर न पड़े इसकी तैयारियां की जा रही हैं। अनुबंध पर बसों को परिवहन निगम से जोड़ने के लिए हमारी टीम कर रह है। कोशिश है कि पहले से ज्यादा रूटों पर बसें चलाई जाएं।
- मोहम्मद परवेज खां, आरएम मुरादाबाद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें