मुरादाबाद। चंद्रनगर कॉलोनी निवासी राकेश आहूजा के यहां बृहस्पतिवार को फिर अतिक्रमण हटानेे पहुंची नगर निगम की टीम का उनके परिवार से विवाद हो गया। टीम नहीं मानी तो दुकान से घर पहुंचे राकेश आहूजा ने अपने ऊपर पेट्रोल डाल लिया और आत्मदाह की धमकी दी। पुलिसकर्मियों ने उनके हाथ से पेट्रोल की बोतल छीनी। इसके बाद नगर निगम की टीम वहां से चली गई। अवर अभियंता (जेई) किशनलाल की ओर से सिविल लाइन थाने में राकेश आहूजा पर आत्मदाह की धमकी देने तथा सरकारी कार्य में बाधा डालने की तहरीर दी गई है।
बृहस्पतिवार को नगर निगम की संयुक्त टीम नगर आयुक्त निशा मिश्रा व प्रवर्तन दल प्रभारी कर्नल एसके शाही की अगुवाई में दोपहर करीब एक बजे चंद्रनगर कॉलोनी निवासी राकेश आहूजा के घर पहुंची। टीम के साथ मौजूद नगर निगम के श्रमिकों ने छेनी, हथौड़े से राकेश आहूजा के घर में जैसे ही तोड़फोड़ शुरू की, वैसे ही राकेश आहूजा के घर से उनकी पत्नी रीता आहूजा व अन्य परिजन बाहर निकल आए। उन्होंने तोड़फोड़ का विरोध करना शुरू कर दिया। सूचना पर बुधबाजार स्थित अपनी दुकान से राकेश आहूजा भी अपनी स्कूटी से घर पहुंच गए। उन्होंने नगर निगम टीम पर ज्यादती करने का आरोप लगाते हुए शोर शराबा शुरू कर दिया, लेकिन टीम नहीं मान रही थी। यह देख राकेश आहूजा ने अपनी स्कूटी की टंकी से पाइप की सहायता से पेट्रोल बोतल में निकाल लिया और अपने ऊपर डाल कर तोड़फोड़ शुरू करने पर आत्मदाह की धमकी दी। पुलिस ने उनके हाथ से पेट्रोल की बोतल छीनी और उन्हें समझाने का प्रयास किया। इसके बाद राकेश आहूजा अपने घर के चबूतरे पर जाकर बैठ गए और निगम द्वारा तोड़फोड़ करने पर परिवार समेत आत्मदाह की धमकी देने लगे। करीब एक घंटे तक चली इस नोकझोंक के बाद नगर निगम की टीम लौट गई।
चौथी बार राकेश आहूजा के घर पहुंची निगम की टीम
राकेश आहूजा की बुध बाजार में घड़ी की दुकान है। नाली पर अतिक्रमण हटाने को लेकर नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत नगर निगम की टीम 15 मई को चंद्रनगर कॉलोनी गई थी। राकेश आहूजा के आवास की दीवार के कुछ भाग को अतिक्रमण बताकर तोड़ा था। उसके बाद से ही राकेश आहूजा नगर निगम टीम पर गलत ढंग से अपने घर में तोड़फोड़ करने का आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों कर रहे थे। तीन दिन पहले डीएम के निर्देश पर अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह टीम के साथ पैमाइश के लिए पहुंचे थे। तब राकेश आहूजा ने उनपर पहले ही गलत ढंग से तोड़फोड़ करने का आरोप लगाते हुए पैमाइश से इन्कार कर दिया था। नगर आयुक्त ने मंगलवार को संयुक्त नगर आयुक्त निशा मिश्रा की अगुवाई में टीम को भेज पैमाइश कराई थी। इस दौरान राकेश आहूजा के मकान का कुछ हिस्सा पैमाइश में आया था। इसी अतिक्रमण को नगर निगम की टीम बृहस्पतिवार को तोड़ने मौके पर पहुंची थी।
मेरे घर के सामने पार्षद का घर है। उन्हीं के कहने पर नगर निगम प्रशासन यह कार्रवाई कर रहा है। दो दिन पहले जो टीम पैमाइश के लिए आई थी, उसने थोड़ा भाग अतिक्रमण का बताया था। बृहस्पतिवार को फिर बिना सूचना के टीम पहुंच तोड़फोड़ शुरू कर दी। तब मुझे मजबूरन अपने ऊपर पेट्रोल डाल कर आत्मदाह की धमकी देनी पड़ी।- राकेश आहूजा, चंद्रनगर कॉलोनी
राकेश आहूजा नगर निगम टीम द्वारा तोड़े गए अतिक्रमण के बाद से ही निगम अधिकारियों पर गलत ढंग से तोड़फोड़ का आरोप लगा रहे थे। डीएम के निर्देश पर जब पैमाइश कराई गई तब भी 30 सेंटीमीटर और अतिक्रमण निकला। इसी को तोड़ने बृहस्पतिवार को नगर निगम की टीम गई थी। जहां राकेश आहूजा ने सरकारी कार्य में बाधा डाला, अपने ऊपर पेट्रोल डाल कर आत्मदाह की धमकी दी। इस संबंध में पुलिस को तहरीर दी गई है। कार्रवाई के लिए एसपी को भी घटना की पूरी जानकारी दी गई है।-दिव्यांशु पटेल, नगर आयुक्त
मेरे भाई काशीपुर के अस्पताल में भर्ती हैं। मैं तीन दिन से चंद्रनगर में नहीं हूं। राकेश आहूजा की शिकायत पर ही प्रशासन पैमाइश कराकर कार्रवाई कर रहा है। मेरे द्वारा किसी के लिए कुछ नहीं कहा गया है।- कमला वर्मा, पार्षद वार्ड-17