बिजली विभाग के क्लर्क ब्रजेश कुमार को सोमवार की सुबह करीब 10:50 बजे एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने दस हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। चक्कर की मिलक स्थित अधिशासी अभियंता कार्यालय में तैनात क्लर्क ने नलकूप के कनेक्शन की फाइल पास कराने के नाम पर किसान रामकिशोर शर्मा से रिश्वत मांगी थी। सिविल लाइंस थाने में आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। छजलैट थानाक्षेत्र के बैरमपुर निवासी प्रशांत शर्मा ने एक जुलाई को एंटी करप्शन ब्यूरो के कांठ रोड स्थित कार्यालय में लिखित शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि पांच जून को उनके पिता रामकिशोर नकलूप कनेक्शन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। कनेक्शन की फाइल चक्कर की मिलक स्थित अधिशासी अभियंता में पहुंच गई थी। प्रशांत शर्मा का कहना है कि यहां तैनात क्लर्क बृजेश कुमार ने कॉल करके कनेक्शन जारी करने के लिए 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। दस हजार रुपये पहले और पांच हजार कनेक्शन के बाद देने की बात तय हुई थी। एंटी करप्शन ब्यूरो ने पहले इस मामले की जांच की। जांच में आरोप सही पाए गए। सोमवार को एंटी करप्शन ब्यूरो की इंस्पेक्टर रश्मि चौधरी और नवल मारवाह ने टीम के साथ पहले डीएम ऑफिस से दो गवाह साथ लिए। इसके बाद टीम अधिशासी अभियंता कार्यालय पहुंच गई। टीम ने प्रशांत शर्मा को केमिकल लगाकर पांच-पांच सौ के बीस नोट दिए। उन्होंने जैसे ही बृजेश कुमार को दस हजार रुपये दिए। इसी दौरान टीम ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। इससे कार्यालय में हड़कंप मच गया। टीम ब्रजेश को पकड़कर सिविल लाइंस थाने ले गई। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि एसीबी की इंस्पेक्टर रश्मि चौधरी की तहरीर पर ब्रजेश कुमार के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। ब्रजेश कुमार मझोला के बैंक कॉलोनी खुशहालपुर में रहता है। मंगलवार को टीम उसे बरेली स्थित एंटी करप्शन कोर्ट में पेश करेगी।