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बोर्ड परीक्षा पारदर्शिता के साथ कराना होगा : डीएम

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मुरादाबाद।
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डीएम ने कहा कि बोर्ड परीक्षा के लिए जो उच्चाधिकारियों से निर्देश प्राप्त हुए हैं। उनका सभी प्रधानाचार्य या केंद्र व्यवस्थापक गहनता से अध्ययन कर लें। परीक्षा नियमानुसार संपन्न कराना होगा। परीक्षा में नियमों का उल्लंघन किसी भी दशा में मान्य नहीं होगा।

डीएम मानवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में पंचायत भवन सभागार में यूपी बोर्ड परीक्षा वर्ष 2024 की तैयारियों के संबंध में समीक्षा बैठक हुई। उन्होंने बताया कि बोर्ड परीक्षा 22 फरवरी से शुरू होने के बाद नौ मार्च 2024 को सम्पन्न होगी। बोर्ड परीक्षा में पूर्ण सुचिता और पारदर्शिता के साथ सम्पन्न कराना होगा। इसके साथ ही बोर्ड के जो निर्देश प्राप्त हुए हैं। सभी प्रधानाचार्य या केंद्र व्यवस्थापक गहनता से अध्ययन करेंगे। केंद्र व्यवस्थापक उसी के अनुसार परीक्षा संपन्न कराएंगे। सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा के समय पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया जाएगा। प्रश्न पत्रों की सुरक्षा के लिए फोर्स तैनात की जाएगी। परीक्षा केंद्रों पर किसी प्रकार की गड़बड़ी या नकल किसी भी केंद्र पर पाई गई तो त्वरित कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी। यदि किसी केंद्र व्यवस्थापक को कोई समस्या नजर आती है तो वह गोपनीय तरीके से हमें जानकारी दे सकते हैं। इस दौरान जिला विद्यालय निरीक्षक ने यूपी बोर्ड परीक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी केंद्र व्यवस्थापकों को परीक्षा संबंधी व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभी केंद्र व्यवस्थापकों को परीक्षा संपन्न कराने के लिए अपने दायित्वों का पालन करना होगा। जिला विद्यालय निरीक्षक ने स्ट्रांग रुम, सादी उत्तर पुस्तिकाओं के रख-रखाव आदि व्यवस्थाओं के बारे में विस्तृत रुप से जानकारी दी। साथ ही परीक्षा केंद्रों पर मौजूद कमियों को भी बताया। सभी केंद्र व्यवस्थापकों को नौ फरवरी तक उन कमियों का निराकरण अनिवार्य रुप से कराने के निर्देश दिए।
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खेल मैदान विकसित नहीं हुआ तो मान्यता रद्द की जाएगी
सभी शिक्षण संस्थान ईएलसी क्लब का सही तरीके से गठन कर लें। यह सुनिश्चित करें कि ईएलसी सही तरीके से कार्य करें। डीएम ने लोक सभा सामान्य निर्वाचन को देखते हुए सभी प्रधानाचार्यों को स्वीप एक्टिविटी में आगे बढ़कर कार्य करने के निर्देश दिए। मतदान केंद्रों का वोटिंग प्रतिशत कम रहता है। उन मतदान केंद्रों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ऐसे परिवारों को चिन्हित करें जो वोट डालने में रूचि नहीं रखते हैं। उनको जागरूक कर मतदान कराने के लिए प्रेरित करें। सभी विद्यालयों में छह माह में खेल के मैदान को विकसित किया जाए। उसके बाद जांच कराई जाएगी। जिन विद्यालयों में खेल का मैदान नहीं पाया जाएगा। उन सभी विद्यालयों की मान्यता रद्द करने की कार्यवाही की जाएगी। बैठक में एडीएम प्रशासन गुलाब चंद्र, जिला विद्यालय निरीक्षक अरुण कुमार दुबे सहित सभी केंद्रों के व्यवस्थापक मौजूद रहे।

चपरासी न होने की बताई समस्या
बैठक के दौरान एक केंद्र व्यवस्थापक ने कहा कि कॉलेज में चपरासी नहीं है। होमगार्ड व पुलिसकर्मी भी रात को रुकने में आनाकानी करते हैं। ऐसे में स्ट्रांगरूम की निगरानी करना भी एक चुनौती है।
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जांच कमेटी पर उठाए सवाल
कुछ केंद्र व्यवस्थापकों ने कहा कि विभाग की ओर से बनाई गई जांच कमेटी अधिकारियों को सही रिपोर्ट नहीं दे रही है। भौतिक सत्यापन के बाद कॉलेज में उपलब्ध सुविधाओं को रिपोर्ट में दर्ज ही नहीं किया गया है। इस पर डीआईओएस ने केंद्र व्यवस्थापकों को इस समस्या के समाधान का आश्वासन दिया।
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