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Moradabad: शिक्षक ने बीईओ पर घूस मांगने का लगाया आरोप, दोनों आ गए आमने-सामने, होगी जांच

Tue, 07 Nov 2023 02:07 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

प्राथमिक विद्यालय भदौरा के प्रधानाध्यापक आशीष कुमार ने कमिश्नर, डीएम और बीएसए को शिकायत भेजी है। इसमें कहा गया है कि सितंबर में चिकित्सा अवकाश का आवेदन किया था, जिसे खंड शिक्षा अधिकारी ने बिना किसी कारण के निरस्त कर दिया। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बेसिक शिक्षा विभाग में एक प्रधान अध्यापक ने खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) पर अवकाश के बदले धनराशि मांगने और उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। शिक्षक का कहना है कि बीईओ की इस कार्यप्रणाली की वजह से उसका अक्तूबर माह का 17 दिन का वेतन रुक गया है। वहीं बीईओ का कहना है कि शिक्षक निर्धारित अवकाश से ज्यादा ले चुके हैं। उनकी यह शिकायत झूठी है।

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प्राथमिक विद्यालय भदौरा के प्रधान अध्यापक आशीष कुमार ने कमिश्नर, डीएम और बीएसए को भेजी शिकायत में कहा है कि सितंबर में चिकित्सा अवकाश का आवेदन किया था, जिसे खंड शिक्षा अधिकारी वंदना सैनी ने बिना किसी कारण के निरस्त कर दिया। चार अक्तूबर को चिकित्सा अवकाश आवेदन किया, जिसे स्वीकृत किया।

जब चिकित्सा अवकाश को बढ़ाने के लिए आवेदन किया तो उन्होंने 26 अक्तूबर तक इस आवेदन पर कोई निर्णय नहीं लिया और लंबित रखा। खंड शिक्षा अधिकारी के अवकाश पर कोई निर्णय नहीं लेने और अक्तूबर 2023 की उपस्थिति लॉक कर पाने व स्वस्थ होकर विद्यालय ज्वाइन करने के बाद भी मानव संपदा पोर्टल पर ज्वाइन नहीं कर पाया।
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शिकायत करने पर बीएसए ने चिकित्सा अवकाश पर निर्णय लेने के निर्देश दिए थे। एक व्यक्ति के माध्यम से उन्होंने सुविधा शुल्क की मांग की। अनुचित मांग न मानने की वजह से चिकित्सा अवकाश पर निर्णय नहीं लिया गया। इसके कारण अक्तूबर माह में 17 दिन का वेतन बाधित हो गया।

आशीष कुमार का आरोप है कि अब खंड शिक्षा अधिकारी उन्हें फर्जी मामलों में फंसा कर सस्पेंड करवाने की धमकी दे रही हैं। बीएसए अजीत कुमार ने बताया कि मामले की आख्या उपलब्ध करवाने के लिए बीईओ को पत्र जारी किया है।

जितनी छुट्टी दी जानी हैं, ये शिक्षक उससे ज्यादा ले चुके हैं। मैंने चार चिट्ठियां बीएसए को लिखी हैं, क्योंकि ये शिक्षक जानबूझकर अपनी छुट्टी अपडेट नहीं करा रहे हैं। मैंने शिक्षकों को भी जितनी छुट्टी ले चुके हैं, उन्हें अपडेट करवाने के लिए पत्र दिए हैं। जब छुट्टी अपडेट नहीं हैं तो मैं स्वीकृति किस आधार पर करुंगी। भदौरा के प्रधानाध्यापक को यह नहीं पता कि स्कूल के बराबर का दूसरा स्कूल कौन सा है। उन्होंने फर्जी मेडिकल लगाया है। यह झूठी शिकायत है। - वंदना सैनी, खंड शिक्षा अधिकारी नगर

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