धरने पर बैठे संगठन के पदाधिकारी व अन्य
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भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार दोपहर बिलारी तहसील में एसडीएम कार्यालय पर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना दिया। किसान यूनियन ने मुख्य मांग उठाई कि बिलारी चीनी मिल पर बकाया गन्ना मूल के लगभग ₹30.50 करोड़ का भुगतान शीघ्र कराया जाए। बिलारी के देहात इलाके में छुट्टा पशुओं की बढ़ती संख्या पर अंकुश लगाया जाए और देहात इलाके में किसानों के निजी विद्युत नलकूप पर मीटर न लगवाए जाएं।
उप जिलाधिकारी बिलारी राजबहादुर सिंह ने इस मामले में किसान यूनियन के पदाधिकारियों के साथ अलग-अलग विभागों की वार्ता कराई। बिलारी चीनी मिल से गन्ना प्रबंधक संजीव कुमार और गन्ना समिति बिलारी के विशेष सचिव आरके पाठक पहुंचे। गन्ना प्रबंधक ने आगामी 15 अक्टूबर तक गन्ना मूल का शीघ्र भुगतान कराने का आश्वासन दिया।
उधर विद्युत उपखंड बिलारी के एसडीओ शशांक मिश्रा भी वार्ता में पहुंचे। उन्होंने आश्वासन दिया की विद्युत विभाग के उच्चाधिकारियों से बात होने तक फिलहाल किसी भी किसान के निजी विद्युत नलकूप पर मीटर नहीं लगाए जाएंगे। छुट्टा पशुओं पर अंकुश लगाने के मामले में एसडीएम ने किसानों को आश्वासन दिया कि हाजीपुर गांव में बड़े स्तर की गौशाला का निर्माण हो रहा है निर्माण जल्द पूरा होते ही उस गौशाला में जानवरों को भेजा जाएगा।
एसडीएम के आश्वासन के बाद लगभग तीन बजे किसान यूनियन ने धरना खत्म करने का ऐलान कर दिया। धरने में किसान यूनियन की ओर से मुरादाबाद जिला अध्यक्ष यशपाल सिंह, संभल जिला अध्यक्ष रमेश चंद शर्मा, युवा मंडल अध्यक्ष संजीव यादव, प्रदेश सचिव अजीत बालियान, मंडल महासचिव जितेंद्र चौधरी, मंडल उपाध्यक्ष रोहित चौधरी, प्रदेश प्रवक्ता कौशल क्रांतिकारी समेत कई पदाधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।