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Moradabad News: अधिकारियों के नहीं आने के विरोध में भाकियू ने हाईवे दो घंटे किया जाम

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मंडी धनौरा। एक हफ्ते पहले सूचना देने के बावजूद पंचायत में बिजली व लोनिवि अधिकारियों के नहीं आने के विरोध में भारतीय किसान यूनियन टिकैत के कार्यकर्ताओं ने तहसील के बाहर चांदपुर-गजरौला स्टेट हाईवे पर जाम लगा दिया। दो घंटे तक किसान हाईवे पर बैठे रहे। हालांकि, बाद में मौके पर आईं एसडीएम के आश्वासन पर कार्यकर्ताओं द्वारा जाम खोल दिया गया।
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बृहस्पतिवार को तहसील परिसर में भाकियू की पंचायत हुई। पंचायत में किसानों ने कहा कि बीती नौ मई को एसडीएम को एक ज्ञापन दिया था। जिसमें कहा गया था कि बिजली विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही से किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जर्जर तारों व फुंके हुए ट्रांसफार्मरों को नहीं बदला जा रहा है। फीना मार्ग की दुर्दशा का जिक्र करते हुए उसकी मरम्मत कराने और गन्ना के बकाया 53 करोड़ रुपये का भुगतान भी दिलाने की मांग की गई। वहीं, भाकियू ने एसडीएम से संबंधित विभाग के अधिकारियों को बृहस्पतिवार को होने वाली पंचायत में बुलाने की मांग की थी। पंचायत में दोपहर दो बजे तक किसी भी विभाग के अधिकारी के नहीं आने पर कार्यकर्ताओं ने तहसील के बाहर स्टेट हाईवे पर जाम लगा दिया। किसान बिजली विभाग के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
जाम लगाने की जानकारी मिलने पर मौके पर आईं एसडीएम चंद्रकांता व तहसीलदार पीएन श्रीवास्तव ने कार्यकर्ताओं से वार्ता की। भाकियू के जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह ने अधिकारियों की हठधर्मिता पर रोष व्यक्त करते हुए जाम खोलने से मना कर दिया। एसडीएम ने आश्वासन दिया कि शुक्रवार को दोपहर 12 बजे उनकी अधिकारियों के साथ वार्ता कराई जाएगी। उनके आश्वासन पर चार बजे किसानों ने जाम खोल दिया। चार बजे तक किसान तपती गरमी व धूप में सड़क पर बैठे रहे। इस मौके पर गुरमीत सिंह, सौवीर सिंह, सुभाष सिंह, जयपाल सिंह, अशोक सिंह, लवेंद्र भाटी, वचन सिंह, बोबी चाहल आदि मौजूद थे।
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जाम से बेहाल हो गए वाहन चालक और यात्री
मंडी धनौरा। भाकियू कार्यकर्ताओं द्वारा लगाए गए जाम में दो घंटे तक वाहन फंसे रहे। यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि पुलिस ने भाकियू के जाम के मद्देनजर वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से भेजना शुरू कर दिया गया था। छोटे वाहन तो वैकल्पिक मार्ग से निकल गए लेकिन ट्रक व बसें जाम में ही फंसी रही। तपती गरमी व धूप की वजह से यात्री बेहाल रहे। किसान भी धूप में दो घंटे तक सड़क पर ही बैठे रहे।
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