मुरादाबाद की पार्श्वनाथ प्रतिभा सोसाइटी में गुरुवार शाम छह बजे भाजपा नेता एवं असमोली ब्लॉक प्रमुख पद के प्रत्याशी रहे अनुज चौधरी (35) गोली मारकर हत्या कर दी गई। उन्हें सिर, कंधे और पीठ में चार गोलियां मारी गई। घटना के समय अनुज अपने दोस्त पुनीत चौधरी के साथ सोसाइटी में ही सड़क पर टहल रहे थे, जबकि उनका गनर और स्टाफ फ्लैट में मौजूद था।
असमोली की भाजपा समर्थित ब्लॉक प्रमुख संतोष देवी के खिलाफ क्षेत्र पंचायत सदस्य रहे गांव अलिया नेकपुर निवासी अनुज चौधरी ने अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत किया था। अनुज चौधरी ने 100 सदस्य अपने साथ होने का दावा किया था और इनके शपथपत्र भी जिलाधिकारी को दिए थे।
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इस प्रक्रिया के दौरान ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी जाती दिखाई दे रही थी लेकिन अचानक से शासन की ओर से आदेश जारी किया गया कि अब दो वर्ष तक ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया जा सकता।
इसके बाद अनुज चौधरी अविश्वास प्रस्ताव लाने की चर्चा में थे। हालांकि उन्होंने अधिकारिक तौर पर कोई प्रक्रिया शुरू नहीं की थी। मालूम हो जुलाई 2021 में हुए ब्लॉक प्रमुख चुनाव के दौरान असमोली में भाजपा के दो खेमे थे। एक खेमा ब्लॉक प्रमुख संतोष देवी के पति प्रभाकर चौधरी का और दूसरा क्षेत्र पंचायत सदस्य 57 नेकपुर मुख्त्यारपुर के अनुज कुमार का था।
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दोनों ही प्रत्याशी भाजपा के समर्थन में होने का दावा करते थे और गाड़ियों पर भाजपा के झंडे भी लगे नजर आते थे। संतोष देवी को जीत मिली थी जबकि अनुज चौधरी को हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद ही अक्तूबर 2022 में अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी की गई थी।
असमोली ब्लॉक में 123 क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं। इसमें से 100 सदस्य अनुज चौधरी के साथ होने की चर्चा थी। इसमें से 90 सदस्यों के शपथ पत्र भी दिए गए थे। इस दौरान राजनीतिक रंजिश पैदा हुई थी। क्षेत्र में चर्चा है कि कहीं इसी रंजिश के चलते तो हत्या नहीं की गई। हालांकि पुलिस घटना में छानबीन करने में जुटी है।
स्वतंत्र देव सिंह के करीबी थे अनुज चौधरी
अनुज चौधरी की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर तमाम भाजपा नेताओं के साथ के फोटो वायरल हो रहे हैं। अनुज चौधरी प्रदेश सरकार के जल संसाधन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के बेहद करीबी बताए जाते थे। स्वतंत्र देव सिंह के साथ लिए गए फोटो इसका प्रमाण भी हैं। अनुज चौधरी के जो फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं उसमें डिप्टी सीएम बृजेश पाठक, केशव प्रसाद मौर्य, दिनेश शर्मा और प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी व अन्य भाजपा के नेता शामिल हैं।
चर्चा है कि भाजपा के बड़े नेताओं से संबंध होने के चलते ही भाजपा समर्थित ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अनुज चौधरी अविश्वास प्रस्ताव पहले भी लाए थे और इस बार भी तैयारी कर रहे थे। 15 अगस्त के बाद प्रक्रिया शुरू की जानी थी। जब अनुज चौधरी ने अक्तूबर 2022 में अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी की थी तो भाजपा के जिला स्तरीय नेता इस मामले में दूरी बना गए थे।
उसी समय चर्चा हुई थी कि अनुज चौधरी के संबंध बड़े नेताओं से हैं इसलिए कोई इस विवाद में पड़ना नहीं चाहता। ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए जब तैयारी की गई थी तो क्षेत्र पंचायत सदस्यों को कहीं सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया था। इस दौरान विवाद की कई बार स्थिति बनी थी लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीं हुई थी।
नैनीताल के एक होटल में ठहरे क्षेत्र पंचायत सदस्यों को अपने पक्ष में लाने के प्रयास विवाद हुआ था। उस समय चर्चा हुई थी कि फायरिंग भी हुई है लेकिन उस मामले में भी कोई कार्रवाई नहीं हो सकी थी। यह सारी रंजिश ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी को पाने के लिए ही शुरू हुई थी। इससे पहले राजनीतिक रंजिश का कोई मामला नहीं था।