सिविल लाइंस थाने में वेद प्रकाश वर्मा ने भाजपा नेता गजेंद्र चौधरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें कहा कि गजेंद्र चौधरी ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर उनके मकान पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। जब उससे मकान खाली कराने के लिए कहा गया तो वह झगड़ा करने लगा। जिसने फर्जी रूप से मकान की किराये की रसीद भी बनवा ली है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी गजेंद्र चौधरी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जिसके बाद गजेंद्र चौधरी ने जनपद न्यायालय में जमानत अर्जी दाखिल की थी। जिसकी सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संख्या तीन सरोज कुमार यादव की अदालत में की गई। 24 जनवरी को जमानत अर्जी खारिज कर दी गई थी। जिसके बाद गजेंद्र चौधरी इलाहबाद हाईकोर्ट की शरण में चले गए थे। इस मामले में हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद जमानत याचिका स्वीकार कर ली है।