तरफ दलपत गांव में हुई लोकेश उर्फ मोनू की मौत के मामले में बिजनौर के एसपी ग्रामीण ने जांच शरू कर दी। उन्होंने बृहस्पतिवार को आरोपी पुलिसकर्मियाें के बयान दर्ज किए। साथ ही घटना स्थल का निरीक्षण भी किया। इस मामले में समझौते के प्रयास भी चल रहे हैं।
कोतवाली के गांव तरफ दलपत में मिट्टी के अवैध खनन के शक में पुलिसकर्मियों के पीछा करने पर गांव के लोकेश उर्फ मोनू सैनी की मौत हो गई थी। 27 सितंबर को हुई इस घटना में लोकेश के परिजनों ने पुलिसकर्मियों पर हत्या करने का आरोप लगाया था। इस मामले में मृतक के पिता धर्मपाल सिंह ने कोतवाली में आरोपी चार पुलिसकर्मियों अनीस, नरेश कुमार और दो अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। गांव के मुख्य सड़क के तिराहे पर पुलिस और ग्रामीणों के बीच संघर्ष हुआ था। इसमें कई पुलिसकर्मी और ग्रामीण घायल हो गए थे।
घटना के बाद एसएसपी ने तत्कालीन कोतवाली प्रभारी सुदेश पाल सिंह सहित सात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था। तत्कालीन सीओ राजेश कुमार को भी हटा दिया गया था। इस मामले में एक माह के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। इस मामले की विवेचना कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक विवेक शर्मा कर रहे हैं, जबकि डीआईजी ने इस घटना की जांच जनपद बिजनौर के एसपी ग्रामीण राम अरज सिंह को सौंपी है।
उन्होंने बृहस्पतिवार को ठाकुरद्वारा कोतवाली पहुंचकर घटना की जांच की। पूर्व प्रभारी निरीक्षक सुदेशपाल सिंह, कांस्टेबल अनीस, नरेश कुमार आदि के बयान दर्ज किए। एसपी ने घटनास्थल का निरीक्षण भी किया। प्रभारी निरीक्षक विवेक शर्मा ने बताया कि उनके द्वारा घटना की विवेचना जारी है। उन्होंने भी समझौते की चर्चा सुनी है, लेकिन उनके पास लिखित में समझौते के लिए कोई नहीं आया है।