इतना ही नहीं बरुआ अस्पताल ने तो मरीजों की फर्जी अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट भी तैयार कराई थीं। जिससे जांच के दौरान यह शक न हो कि सर्जरी का आधार क्या था। फर्जी रिपोर्ट में बिलारी रोड स्थित एक लैब का नाम दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की जांच में पाया गया कि ऐसी कोई लैब मुरादाबाद में नहीं है। इसके अलावा एआई से एडिटिंग कर बनाए गए सर्जरी के दौरान के फर्जी फोटो भी मिले हैं। सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह इस मामले में गहनता से जांच कर रहे हैं। मिशन अस्पताल की 300 फाइलों व बरुआ अस्पताल की करीब 30 फाइलों को खंगाला जा रहा है। दोनों अस्पतालों की आयुष्मान आईडी व पासवर्ड के जरिये भी जांच की जा रही है। ज्ञात हो कि दोनों अस्पतालों की आयुष्मान सेवाएं सांची द्वारा पहले ही निलंबित की जा चुकी हैं। सीएमओ स्तर से जांच पूरी होने के बाद बड़ी कार्रवाई हो सकती है। बरुआ अस्पताल ने करीब 18 केस फर्जी बनाए थे। जबकि मिशन अस्पताल के केसों की संख्या ज्यादा है।
- दोनों अस्पतालों के मामले में जांच काफी हद तक पूरी हो चुकी है। सभी फाइलें बारीकी से चेक की जा रही हैं। मरीजों से फोन पर बात की गई है। सोमवार तक इन मामलों की जांच पूरी हो जाएगी। इसके बाद सारी जानकारी साझा करेंगे।
- डॉ. कुलदीप सिंह, सीएमओ