मुरादाबाद। मूंढापांडे क्षेत्र में बरेली निवासी 24 वर्षीय छात्र अतुल कुमार की बीपी (ब्लडप्रेशर) बढ़ने से हालत बिगड़ गई। पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर परिजन मुरादाबाद आ गए। बड़े भाई ने बताया कि अतुल को बीपी बढ़ने और कम होने की बीमारी थी।
बरेली के सुभाष नगर निवासी अतुल कुमार पुत्र ओम प्रकाश बीकॉम कर चुका था। उसका बड़ा भाई विवेक कुमार रेलवे में हेल्पर के पद पर तैनात है। उसकी तैनाती मुरादाबाद रेल मंडल में नगलिया सादात रेलवे स्टेशन पर है। मीरगंज रेलवे स्टेशन पर विवेक को सरकारी क्वार्टर मिला हुआ है। विवेक ने बताया कि शनिवार शाम बिलारी निवासी उसके ममेरे भाई प्रशांत की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। रविवार सुबह अतुल मां राजकुमारी को साथ लेकर बिलारी गया था। रविवार को वह बरेली आ गया था जबकि मां को बिलारी में ही छोड़ आया था। यहां मीरगंज स्थित क्वार्टर में ही अतुल रुका था। सोमवार शाम उसने कहा कि वह मुरादाबाद जा रहा है। रात आठ बजे उसने बताया था कि वह रामपुर पहुंच गया है और मुरादाबाद जा रहा है।
विवेक ने बताया कि उसने सोचा कि उसकी बहन आंचल मुरादाबाद में लाइन पार रामलीला मैदान के पास रहती है। अतुल उसके घर जा रहा होगा। इसके बाद उससे कोई संपर्क नहीं हुआ। मंगलवार सुबह पुलिसवालाें को अतुल हाईवे किनारे बेसुध हालत में पड़ा मिला। पुलिस ने उसे मूंढापांडे के सरकारी अस्पताल में उसे भर्ती कराया, जहां से उसे जिला अस्पताल भेज दिया था। अतुल की जेब में एक मोबाइल नंबर की पर्ची मिली। जिस पर पुलिस कर्मियों ने कॉल की। अतुल के तहेरे भाई अमित ने कॉल उठाई थी। उसने ही विवेक को इस मामले की जानकारी दी। परिजन मुरादाबाद अस्पताल पहुंचे लेकिन तब तक अतुल की मौत हो चुकी थी। यहां डॉक्टरों ने बताया कि बीपी बढ़ने की वजह से उसकी हालत बिगड़ी थी। जिससे उसकी मौत हुई है। थाना प्रभारी रविंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव लेकर चले गए हैं।
आठ माह से चल रहा था इलाज : विवेक ने बताया कि उसके भाई अतुल कुमार को पिछले आठ माह से बीपी बढ़ने और कम होने की बीमारी थी। जिसका इलाज भी किया जा रहा था। सोमवार को उसकी तबीयत ठीक थी। वह अचानक मुरादाबाद के लिए आ गया था। मूंढापांडे में वह कैसे पहुंच गया। उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है।
नहीं मिला अतुल का मोबाइल : भाई ने बताया कि अतुल के पास एक मोबाइल था लेकिन उसकी जेब से मोबाइल गायब है। सोमवार आठ बजे तक इसी मोबाइल से अतुल बातचीत कर रहा था। इसके बाद उसका संपर्क टूट गया था। कई रिश्तेदारों को भी कॉल कर उसकी जानकारी ली थी लेकिन सभी ने उसकी जानकारी होने से इनकार कर दिया था। मंगलवार सुबह परिजन मुरादाबाद आकर उसे ढूंढने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान तहेरे भाई के मोबाइल पर पुलिस कर्मियों की कॉल पहुंच गई थी। उन्होंने व्हाट्सएप पर फोटो भेजा, जिससे उसकी पहचान हो सकी।
2007 में हुई थी पिता की मौत : अतुल के पिता ओमप्रकाश रेलवे में कार्यरत थे। 2007 में उनकी मृत्यु हो गई थी। पिता की मृत्यु के बाद बड़े बेटे विवेक को मृतक आश्रित कोटे से नौकरी मिल गई थी। विवेक इन दिनों नगलिया सादात में तैनात हैं। परिवार उसके साथ ही मीरगंज में रहता है। अतुल भी भाई के साथ रहका रहता था।