सिविल लाइंस के झांझनपुर में रविवार सुबह करीब दस बजे एक ईसाई प्रार्थना सभा में पहुंचे बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने धर्म परिवर्तन का आरोप लगाकर हंगामा किया। बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने प्रार्थना सभा में मौजूद ईसाई धर्म की महिला, उसके पति व एक अन्य व्यक्ति पर आरोप लगाया कि वह लोगों को लालच देकर उनका धर्म परिवर्तन करा रहे हैं।
हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस महिला समेत तीनों आरोपियों को थाने ले आई। करीब दो घंटे तक थाने में चले घटनाक्रम के बाद पुलिस ने महिला समेत तीनों को छोड़ दिया। जिन लोगों के धर्म परिवर्तन की बात कही जा रही थी, उन्होंने थाने पहुंचकर कहा कि वह स्वेच्छा से ईसाई प्रार्थना सभा में जाते हैं। लेकिन धर्म नहीं बदला है।
बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने थाने पहुंचकर महिला व उसके साथियों के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने प्रार्थना सभा में मौजूद लोगों को बुलाकर उनसे पूछताछ की तो सबने बताया कि धर्म परिवर्तन के लिए उकसाने का आरोप गलत है। वह लोग पिछले कई साल से ईसाई धर्म के लोगों की प्रार्थना सभा में जाते हैं।
लोगों ने कहा कि प्रार्थना सभा में जाने से उन्हें कई प्रकार के फायदे मिले हैं, इस वजह से ही उनका लगाव ईसाई धर्म में है। लेकिन उन्होंने धर्म परिवर्तन से इंकार किया है। करीब पांच महिलाओं के बयान दर्ज किए गए हैं। सीओ सिविल लाइन राजेश कुमार ने बताया कि जांच में आरोप गलत पाए जाने पर हिरासत में लिए गए तीनों लोगों को बिना किसी कार्रवाई के छोड़ दिया गया है।
बजरंग दल पर लगाया अभद्रता का आरोप
प्रार्थना सभा से हिरासत में ली गई महिला ने बताया कि बजरंग दल के कार्यकर्ताआें ने उनसे अभद्रता की और अपशब्द कहे हैं। हालांकि इस संबंध में तहरीर नहीं दी गई है। जबकि बजरंग दल के पदाधिकारियों ने अभद्रता के आरोपों को खारिज किया है।
मैं खुद प्रार्थना सभा में था: रजत कुमार
बजरंग दल के कार्यकर्ता रजत कुमार ने बताया कि उन्हें रविवार को ईसाई धर्म के लोगों ने एक धर्मसभा में बुलाया था। वहां जाकर देखा तो ईसाई धर्म के दो लोग वहां पर मौजूद हिंदू समाज के लोगों को बता रहे थे हिंदू धर्म को मानने की वजह से उनको कष्टों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि अगर प्रभु यीशु की शरण में आओगे तो सभी कष्टों से मुक्ति मिल जाएगी, इसी तरह इस बार भी लोगों को उकसाया जा रहा था।
सिस्टर
उसके पति व एक अन्य को पुलिस थाने ले आई। धर्म परिवर्तन की बात गलत है।