मुरादाबाद। जिले में यातायात पुलिसकर्मियों की फौज भी हादसों पर लगाम लगाने में नाकाम साबित हो रही है। पिछले तीन दिन में अलग-अलग हादसों में दस लोगों की जान चली गई, जबकि चार लोग जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। एक हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई।
यातायात पुलिस की जिम्मेदारी नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई करने और हादसों को रोकने की होती है। जिन प्वाइंटों पर हादसे अधिक होते हैं, उन्हें चिह्नित किया जाता है। वाहन चालकों को सचेत करने के लिए बोर्ड भी लगाए जाते हैं। हादसे रोकने और नियम तोड़ने वालों के लिए जनपद में 417 यातायात पुलिसकर्मी तैनात हैं।
शुक्रवार सुबह मूंढापांडे में एक कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से चढ़कर दूसरी साइड में पहुंच गई थी। यहां रामपुर से मुरादाबाद की ओर जा रही रोडवेज की बस ने टक्कर मार दी थी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बस की रफ्तार बहुत ज्यादा थी। इसके अलावा कार की रफ्तार भी काफी अधिक थी, लेकिन पुलिसकर्मियों ने न तो बस को कहीं रोका और न ही कार को रोका गया था।
इसके अलावा शुक्रवार रात पाकबड़ा में हुए हादसे में तीन दोस्तों की जान चली गई। तीनों दोस्त एक ही बाइक पर सवार थे। किसी ने हेलमेट भी नहीं लगा रखा था, लेकिन तीनों दोस्त मझोला और पाकबड़ा थाना पारकर हाईवे पर पहुंच गए थे। इन्हें न तो यातायात पुलिस ने रोका और न ही थानों की पुलिस ने चेक किया। जनपद में एसपी यातायात, सीओ यातायात, दो टीआई समेत अन्य कांस्टेबल और कांस्टेबल के अलावा होमगार्ड और पीआरडी जवान हैं।
जनपद में तैनात यातायात पुलिस
एसपी- 01
सीओ- 01
टीआई- 02
टीएसआई- 42
हेड कांस्टेबल- 73
कांस्टेबल- 63
होमगार्ड जवान- 185
पीआरडी जवान- 50
छह माह में बिना हेलमेट 46363 चालान
टीआई अनुराधा सिंघल ने बताया कि बिना हेलमेट और दोपहिया वाहन पर तीन या उससे अधिक सवारी बैठाकर चलने वालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। पिछले छह माह में 46363 वाहनों के चालान बिना हेलमेट के ड्राइविंग करने में किए गए हैं।