मुरादाबाद। डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन के मुताबिक मुरादाबाद हवाई अड्डा उड़ान के लिए तैयार नहीं है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारी कई बार पत्र लिखकर डीजीसीए से भौतिक निरीक्षण की अपील कर चुके हैं। इसके बावजूद टीम निरीक्षण के लिए नहीं पहुंच रही है। एएआई का मानना है कि सरकार के हस्तक्षेप के बाद ही उड़ान का रास्ता साफ हो सकेगा।
सूत्रों का कहना है कि मुरादाबाद हवाई अड्डे को कानपुर-लखनऊ संपर्क जोन से जोड़ा जाना है। इसके लिए वायु सेना के मुख्यालय से अनुमति लेनी है। वहां मामला अटका हुआ है। यदि सरकार वार्ता करे तो इस मुद्दे का हल हो सकता है। ऐसे में अब मुरादाबाद से उड़ान की उम्मीद 2024 के चुनाव पर टिकी है। शहर में चर्चा है कि लोकसभा चुनाव से पहले मुरादाबाद से हवाई अड्डा शुरू हो जाएगा। हालांकि डीजीसीए के रुख से यह संभव नहीं लग रहा। अब तक डीजीसीए के अधिकारी चार बार हवाई अड्डे को लेकर खामियां बता चुके हैं। हर बार जिला प्रशासन व एएआई ने खामियों को दूर किया। अब एक बार फिर तकनीकी मामलों को लेकर लाइसेंस की फाइल अटक गई है। राज्यमंत्री नागरिक उड्डयन जनरल (रिटा.) वीके सिंह का कहना है कि लाइसेंसिंग की प्रकिया चल रही है। लाइसेंस मिलने के 120 दिन के अंदर मुरादाबाद उड़ान शुरू हो जाएगी।
बिग चार्टर कंपनी लगाएगी हवाई जहाज
मुरादाबाद हवा अड्डे पर विमानन सेवा प्रदाता के लिए बिग चार्टर कंपनी की चयन हुआ है। यह कंपनी मुरादाबाद से दिल्ली, मुरादाबाद से लखनऊ व मुरादाबाद से कानपुर के लिए फ्लाइट उपलब्ध कराएगी। शुरुआत में यहां से 19 सीटर विमान ही उड़ान भर सकेंगे। हालांकि हमारे हवाई अड्डे की क्षमता 186 सीटर विमान तक की है। एक बार सेवा शुरू होने के बाद यात्रियों की मांग के अनुसार इसमें वृद्धि करने का प्लान है। इसके अलावा हवाई अड्डे के बाहर झील का सौंदर्यीकरण अमृत सरोवर के रूप में किया जाना है।
तीन साल से मिल रहे हैं उड़ान के आश्वासन
हवाई अड्डे पर निर्माण कार्य पूरे होने के बाद तीन साल से लोगों को सिर्फ आश्वासन मिल रहे हैं। जबकि पड़ोसी जनपद बरेली में तीन साल पहले हवाई अड्डा शुरू हो चुका है। वहां से दिल्ली, मुंबई, बैंगलुरू की फ्लाइट को अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। इसका कारण है कि मुरादाबाद मंडल के पांचों जिलों के लोग बरेली पर निर्भर हो गए हैं। जबकि निर्यात व कारोबार यहां ज्यादा होता है। लोगों की मांग है कि मुरादाबाद में जल्द से जल्द हवाई अड्डा शुरू किया जाए। इस हवाई अड्डे का जिक्र यूपी सरकार के बजट में किया गया था। लोगों को नतीजे का इंतजार है।
जिला प्रशासन सभी कार्य पूरे करके रिपोर्ट शासन को भेज चुका है। डीजीसीए का निरीक्षण होना बाकी है। उम्मीद है कि इस बार लाइसेंस मिल जाएगा। यदि डीजीसीए के अधिकारी कुछ और खामियां बताएंगे तो उन पर भी काम किया जाएगा।
- शैलेंद्र कुमार सिंह, जिलाधिकारी मुरादाबाद