राजधानी एक्सप्रेस की घटना के बाद डीआरएम राजकुमार सिंह बुधवार को रोजा जंक्शन का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने वहां यार्ड रिमॉडलिंग व नॉन इंटरलॉकिंग कार्य का जायजा लिया। ट्रैक पर जेसीबी होने के बावजूद सिग्नल ग्रीन होने व राजधानी एक्सप्रेस के ट्रैक पर आगे बढ़ने का कारण पूछा।
उन्होंने स्टाफ से कहा कि कोई भी मानवीय व तकनीकी त्रुटि न हो, इसका बात पूरा ध्यान रखा जाए। सिग्नल व दूर संचार विभाग के कर्मचारियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। रेलवे प्रशासन इस घटना की जांच करा रहा है कि सिग्नलिंग में चूक कैसे हुई। डीआरएम ने रोजा में पावर केबिन, गार्ड विश्रामालय व प्लेटफॉर्म नंबर एक पर चल रहे मरम्मत कार्य का जायजा लिया।
इसके बाद डीआरएम ने मीरानपुर कटरा, बरेली व रामपुर स्टेशनों का भी निरीक्षण किया। अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत रामपुर स्टेशन पर किए जा रहे पुनर्निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। बरेली स्टेशन पर यार्ड का निरीक्षण किया व बरेली कैंट स्टेशन पर गुड्स साइडिंग को देखा। इस मौके पर एडीआरएम ओपी राकेश कुमार, उप मुख्य अभियंता निर्माण राकेश सिंह, सुशील कुमार, मनोज कुमार, सीनियर डीएसटीई सुनील कुमार, सीनियर डीईई (परिचालन) अंशु कुमार वर्मा, सीनियर डीओएम (जी) चेतन तनेजा, डीईएन करन प्रीत सिंह आदि मौजूद रहे।
ये था मामला
पिछले 26 दिन से रोजा में यार्ड रिमॉडलिंग व नॉन इंटरलॉकिंग का कार्य चल रहा है। सोमवार शाम को एक जेसीबी ट्रैक पर कार्य कर रही थी, उसी समय डिब्रूगढ़ से नई दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस ट्रैक पर आ गई। ट्रेन को देखकर लोग घबरा गए, उन्होंने देखा कि सिग्नल भी ग्रीन था। हालांकि, ड्राइवर ने ट्रैक पर कार्य कर रही जेसीबी को देख लिया और काफी पहले ही ब्रेक लगा दिए। इससे हादसा होने से बच गया था।