उम्र निर्धारण मामले में अब्दुल्ला आजम की ओर से दिल्ली, मुरादाबाद और रामपुर के वकील मिलकर पैरवी करेंगे। जिन्होंने मुकदमे की तैयारी के लिए अदालत से समय की मांग की है। अदालत ने सुनवाई के लिए छह दिसंबर लगा दी है।
करीब 15 साल पुराने मुकदमे में दोषी ठहराए गए अब्दुल्ला आजम सजा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चले गए थे। जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने जनपद न्यायाधीश को आदेशित किया कि वह इस मामले में सुनवाई करें और सूचित करें और तथ्यों से भी अवगत कराएं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जनपद न्यायाधीश डॉ. अजय कुमार द्वारा दोनों पक्षों को नोटिस जारी कर दिए थे। जिला शासकीय अधिवक्ता नितिन गुप्ता एवं सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव अग्रवाल ने बताया कि हरदोई जेल में बंद अब्दुल्ला आजम को नोटिस तामील करा दिया गया था।
शनिवार को अब्दुल्ला आजम की ओर से दिल्ली से जेडए खां, मुरादाबाद से शाकिर अली और रामपुर जनपद के विनोद शर्मा एडवोकेट ने अपना वकालतनामा अदालत में दाखिल किया। मुकदमे की तैयारी के लिए अदालत से समय की मांग की।
जिसका सरकार की ओर से पैरवी कर रहे डीजीसी क्रिमिनल ने विरोध करते हुए अदालत से कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने मुकदमे को शीघ्र निस्तारण के आदेश दिए हैं। इस कारण से अगली तारीख न दी जाए।
अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अब्दुल्ला आजम के वकीलों द्वारा दिया गया प्रार्थनापत्र स्वीकार करते हुए मुकदमे में सुनवाई के लिए छह दिसंबर लगा दी है।