मुरादाबाद। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सह नगर कार्यवाह रहे राकेश कुमार सिंह की हत्या के दस माह बाद मझोला पुलिस ने आरोपी अधिवक्ता रामवीर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जांच में आया था कि राकेश की हत्या जहर से भरा इंजेक्शन लगाकर की गई थी। इस मामले में तीन लोगों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
मझोला पुलिस के अनुसार कांशीराम नगर निवासी राकेश कुमार सिंह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के सह नगर कार्यवाह थे लेकिन वह एयरफोर्स से रिटायर्ड होने के बाद प्रॉपर्टी डीलिंग के साथ कपड़ों का कारोबार करते थे। आरएसएस पदाधिकारी 14 अक्तूबर 21 की रात करीब दस बजे वह अपने मौसेरे भाई अरविंद के साथ स्कूटी से घर लौट रहे थे। कांशीरामनगर बुद्धा पार्क के समीप पहुंचते ही उनका फुफेरा भाई प्रदीप, नरेश और संभल के असमोली निवासी इनका बहनोई रामवीर सिंह दो बाइकों पर सवार होकर वहां पहुंच गए। आरोपियों ने राकेश कुमार के कंधे पर एक इंजेक्शन घोप दिया। जहर भरे इंजेक्शन के कारण उनकी हालत बिगड़ गई। परिजन उनको एक निजी अस्पताल लेकर गए लेकिन उपचार के दौरान मौत हो गई।
इस मामले में राकेेश की पत्नी रेनू की तहरीर पर पुलिस ने तीनों लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने नामजद आरोपी उमरी सब्जीपुर निवासी नरेश कुमार और उनके सगे भांजे अभिषेक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने खुलासा किया था कि नरेश ने अपने ममेरे भाई राकेश कुमार के साथ मिलकर एक प्लॉट खरीदा था। इस प्लॉट का बैनामा नरेश के नाम पर था। राकेश इस मामले में 18 लाख रुपये वापस करने की मांग रहे थे। इसी विवाद में नरेश ने अपने भाई प्रदीप के साथ मिलकर राकेश की हत्या की साजिश रची। पुलिस का कहना है कि योजना के तहत हत्या से एक दिन पहले मुख्य आरोपी एक निजी अस्पताल में भर्ती हो गया। राकेश की सुनियोजित हत्या की जिम्मेदारी उसने अपने भाई प्रदीप, भांजे अभिषेक और प्रदीप के एक दोस्त के ऊपर मढ़ दिया। घटना को अंजाम देते समय नरेश का भाई अभिषेक बाइक चला रहा था और सगा भाई प्रदीप जहर का इंजेक्शन सिरिंज में भरकर पीछे बैठा था। पुलिस ने प्रदीप को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
थानाध्यक्ष धनंजय सिंह के अनुसार वारदात में शामिल नरेश और प्रदीप के बहनोई संभल जिले के असमोली थाना क्षेत्र के गांव सेंधरी निवासी रामवीर सिंह फरार चल रहे थे। रविवार को आरोपी रामवीर सिंह को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया।