मोहल्ला बंगला गांव दौलत बाग निवासी एक व्यक्ति ने मई माह में मिड डे मील के फर्जी भुगतान की शिकायत महानिदेशक शिक्षा विभाग लखनऊ से की थी। मामले में अभी तक जांच पूरी न होने पर एडी बेसिक ने बीएसए को नोटिस भेजकर एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
मोहल्ला बंगला गांव दौलत बाग निवासी सेवक राजकुमार बाल्मिकी ने 13 विद्यालयों का नाम लिखकर शिकायत की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि माह अक्तूबर 2023 में छमाही परीक्षा और फरवरी-मार्च 2024 में वार्षिक परीक्षा के बाद संबंधित स्कूलों में बच्चों का दस से 15 दिन का अवकाश घोषित किया था। विद्यालयों में बोर्ड परीक्षा के दौरान भी कक्षा छह से आठ तक के बच्चों का अवकाश रहा। इस तरह गत छह माह में करीब 40 से 50 दिन माध्यमिक व सहायता प्राप्त स्कूलों के बच्चों को मिड-डे-मील का वितरण नहीं किया गया। इसके बावजूद भी भोजन की आपूर्ति करने वाले एनजीओ ने इन अवकाश के दिनों में बच्चों की हाजिरी लगाकर खंड शिक्षा अधिकारी नगर और स्कूल के प्रधानाचार्यों के साथ मिलकर भुगतान करा लिया। शिकायत के आधार पर 21 मई को एडी बेसिक बुद्धप्रिय सिंह ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को मामले की जांच करते हुए नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
दो बीईओ ने कहा, हमने नहीं किए हस्ताक्षर
मामले में दो खंड शिक्षाधिकारी मनोज बोस और वंदना सैनी ने लिखित में एडी बेसिक को दिया है कि उनके समक्ष मामले से संबंधित न तो मिड डे मील के बिल प्रस्तुत किए गए हैं और ना ही उन्होंने किसी ऐसे बिलों पर हस्ताक्षर किए हैं।
- अभी तक बीएसए ने मामले की जांच रिपोर्ट नहीं सौंपी है। इसलिए उनको जांच करने के लिए दोबारा निर्देश भेजे गए हैं। एक सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। बुद्धप्रिय सिंह, एडी बेसिक