ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर की नारेबाजी, तेंदुए की तलाश में की जंगल में कांविग
ठाकुरद्वारा। कोतवाली के गांव आलमगीरपुर में तेंदुए ने घर में घुसकर पालतू कुत्ते का शिकार किया। तीन दिन के भीतर दूसरी घटना से ग्रामीण दहशत में है। ग्रामीणों ने तेंदुए के तलाश में जंगल में कांविग की। वन विभाग की टीम के न पहुंचने पर ग्रामीणों ने उसके खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी की। क्षेत्र में तेंदुए का आतंक लगातार बढ़ रहा है। लेकिन वन विभाग तेंदुए को पकड़ने में नाकाम साबित हो रहा है। जिसके चलते गुरूवार को तड़के चार बजे कोतवाली के गांव आलमगीरपुर में गांव के रोहताश सिंह सैनी के घर में तेंदुआ दीवार फांदकर अंदर घुस गया। आंगन में खड़े पालतू कुत्ते को उठाकर ले गया। कुत्ते की चीख सुनकर परिवार के लोग बाहर आए। लेकिन तेंदुआ जब तक कुत्ते को उठाकर जंगल में ले गया। वहां उसने कुत्ते का शिकार किया। मंगलवार को तेंदुए ने गांव के राजपाल सिंह के घर में घुसकर उसके पालतू कुत्ते का शिकार किया था। तीन दिन में तेंदुए की दो घटनाओं से गांव में दहशत फैल गई है। ग्रामीण शाम होते ही अपने घरों में कैद हो जाते है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने तेंदुए की गतिविधियों की सूचना वन विभाग को दी। लेकिन वन विभाग की टीम दूसरी घटना के बाद भी गांव में नहीं पहुंची। वन विभाग की इस लापरवाही को लेकर ग्रामीणों में रोष व्याप्त हो गया। ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी की। बाद में ग्रामीणों ने तेंदुए की तलाश में लाठी डंडे लेकर जंगल में कांविग की। लेकिन तेंदुए का पता नहीं चल सका। प्रदर्शन में रोहताश सिंह सैनी, बनवारी सिंह, रानू शर्मा, धर्मपाल सिंंह चौहान आदि शामिल थे।