लापरवाही का आलम यह है कि क्रीड़ाधिकारी की ओर एंबुलेंस की व्यवस्था के लिए सीएमओ को पत्र भी नहीं लिखा गया। यह स्थिति तब है जबकि कुछ माह पहले माध्यमिक विद्यालयों की एथलेटिक्स प्रतियोगिता में एक खिलाड़ी बेहोश होकर मैदान पर गिर पड़ा था। एंबुलेंस न होने के कारण वह आधे घंटे बेहोश पड़ा रहा। इसके बाद शिक्षक उसे अपनी कार से अस्पताल ले गए थे। वह प्रतियोगिता पारकर कॉलेज के मैदान में आयोजित हुई थी। अब खेल विभाग ने इस लापरवाही को दोहराया है। क्रीड़ाधिकारी प्रेम कुमार का कहना है कि गणतंत्र दिवस पर होने वाली प्रतियोगिता में एंबुलेंस के इंतजाम के लिए सीएमओ को पत्र लिखेंगे।
वॉलीबॉल में खिलाड़ियों की उम्र को लेकर हुआ विवाद
वॉलीबॉल मैच के दौरान एक टीम ने दूसरी टीम के खिलाड़ियों पर अधिक आयु के होने का आरोप लगाया। नियमानुसार प्रतियोगिता में 19 वर्ष से खम आयु के खिलाड़ी ही खेल सकते थे। टीम ने खेलने से ममना कर दिया तो कोच व निर्णायकों ने संज्ञान लिया। विपक्षी टीम के खिलाड़ियों की आयु प्रमाणित करने वाले दस्तावेज मांगे गए। मौके पर खिलाड़ियों के पास मार्कशीट व आधार कार्ड नहीं था। कोच ने दोनों दस्तावेज मंगाए इसके बाद विवाद शांत हुआ।