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Moradabad News: स्थगित हुई 30 सदस्यीय समिति, नहीं होगी निजी स्कूलों की जांच

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मुरादाबाद।
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जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी विद्यार्थियों और अभिभावकों को देने के लिए डीआईओएस ने 30 सदस्यीय समिति बनाई थी। अब इस समिति को स्थगित कर दिया गया है। डीआईओएस का कहना है कि जिलाधिकारी ने कहा कि जब तक शिकायत न प्राप्त हो, तब तक जांच करवाने का कोई औचित्य नहीं है।
12 मार्च को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक हुई थी। इसमें 2024-25 में विद्यालयों द्वारा शुल्क में की गई वृद्धि का परीक्षण वित्त एवं लेखाधिकारी माध्यमिक शिक्षा मुरादाबाद (सदस्य) व सीए (सदस्य) की संयुक्त समिति से कराने, व्यवस्था के विपरीत बढ़े शुल्क को आगामी महीने के शुल्क में समायोजित करने को कहा था। जिन विषयों में एनसीईआरटी की पाठ्य पुस्तकें हैं, उन विषयों का शिक्षण कार्य एनसीईआरटी की पाठ्य पुस्तकों से कराने, जिन विषयों में एनसीईआरटी की पुस्तक नहीं है, उन विषयों का शिक्षण कार्य निजी प्रकाशकों की पुस्तकों से इस प्रतिबंध के साथ कराने कि उसका कंटेंट विद्यालय के प्रधानाचार्य और प्रबंधक द्वज्ञरा सत्यापित करने व विद्यालय की वेबसाइट पर विवरण प्रकाशित करने के निर्देश दिए थे। इसके साथ ही पाठ्यक्रम में शिक्षा बोर्ड से बदलाव न होने तक बदलाव नहीं कराने सहित सात बिंदुओं पर फैसला आया था। इस फैसले की जानकारी 49 विद्यालयों में विद्यार्थियों और अभिभावकों को देने के लिए सात मार्च को राजकीय इंटर कॉलेज के शिक्षकों और प्रधानाचार्यों की समिति गठित की थी। समिति को प्रार्थना सभा में उपस्थित होने और पीटीए की बैठक कर जिला शुल्क नियामक समिति द्वारा लिए गए निर्णय का पालन कराना था।
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तीन दिन में सौ से अधिक शिकायत का दावा
मुरादाबाद पेरेंट्स ऑफ आल स्कूल्स के अध्यक्ष अनुज गुप्ता का कहना है कि स्कूलों द्वारा पाठ्यक्रम में किए गए बदलाव, निर्धारित दुकानों पर पाठ्यक्रम मिलने व एनसीईआरटी लागू न करने को लेकर अभिभाकों द्वारा ईमेल के माध्यम से तीन अप्रैल से मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और डीआईओएस को शिकायत करना शुरू किया गया था। अब तक करीब सौ से अधिक अभिभावक मामले में शिकायत कर चुके हैं। कुछ अभिभावकों ने बढ़ी हुई फीस की भी शिकायत की है। अधिकारियों से अनुरोध है कि शिकायतों का संज्ञान लेकर कार्रवाई करना सुनिश्चित करें।
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- स्कूलों में पाठ्यक्रम बदलाव को लेकर जिलाधिकारी के साथ दोबारा बैठक हुई है। इसमें जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि शुल्क नियामक अधिनियम का कड़ाई से पालन कराया जाए। देखना होगा कि हमें अधिकार क्या प्राप्त है। शुल्क नियामक अधिनियम में क्या व्यवस्था दी गई है। उस व्यवस्था को लागू कराना हमारा दायित्व है। जिन बिंदुओं पर शुल्क नियामक अधिनियम में कार्रवाई करने को कहा गया है और स्कूलों द्वारा उन बिंदुओं का उल्लंघन होता है तो उसकी जांच करवाकर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. अरुण कुमार दुबे, जिला विद्यालय निरीक्षक
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