नाबालिग छात्रा को अगवा कर उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में रिश्ते के मामा को अदालत ने 20 साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी पर 65 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
भगतपुर थानाक्षेत्र के एक गांव में रहने वाले एक व्यक्ति ने 17 अक्तूबर 2018 को भगतपुर थाने में अपने ही गांव के तीन युवकों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। आरोप था कि तीनों उसकी नवीं कक्षा में पढ़ने वाली बेटी को कॉलेज आते-जाते समय परेशान करते थे। उसे शक है कि तीनों युवक उसकी बेटी को बहला कर अगवा कर ले गए हैं।
पुलिस ने तीनों युवकों को हिरासत में लेकर किशोरी की तलाश शुरू की तो 22 अक्तूबर को किशोरी अलीगढ़ में मिली थी। पुलिस की जांच में सामने आया कि किशोरी को उसके गांव के युवक नहीं बल्कि रिश्ते का मामा घुमाने का बहाना बना कर अलीगढ़ ले गया था। उसने किशोरी से मंदिर में शादी की और उसके साथ दुष्कर्म किया था।
केस के विवेचक दीपक मलिक ने रिश्ते के मामा कुंदरकी थाना क्षेत्र निवासी विशाल चौधरी के खिलाफ नाबालिग को अगवा कर दुष्कर्म करने के आरोप में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। इस मुकदमे की सुनवाई पॉक्सो कोर्ट संख्या तीन चंद्र विजय श्रीनेत की अदालत में हुई। विशेष लोक अभियोजक अकरम खान और एमपी सिंह ने बताया कि मुकदमे में कुल नौ गवाह पेश हुए, जिन्होंने घटना की पुष्टि की।
अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद विशाल को घटना का दोषी पाते हुए उसे बीस साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 65 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।