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खनन: भरतपुर कांड में उलझी पुलिस, बाकी आरोपियों की तस्दीक के प्रयास बंद

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मुरादाबाद। उत्तराखंड के भरतपुर गांव में हुई घटना के बाद से पुलिस उलझ गई है। जिस कारण एसडीएम और खनन अधिकारी पर हमला करने वालों में शामिल रहे अन्य आरोपियों की तस्दीक के प्रयास बंद हो गए। 155 आरोपियों में अब तक केवल 19 की ही पहचान हो सकी है।
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ठाकुरद्वारा में उत्तराखंड बॉर्डर पर 13 सितंबर की रात खनन अधिकारी अशोक कुमार सिंह ने अवैध रूप से उत्तराखंड से खनन लेकर यूपी में प्रवेश कर रहे डंपरों को पकड़ लिया था। इसी दौरान वहां खनन माफिया आ गए थे। भीड़ बढ़ने पर खनन अधिकारी ने एसडीएम ठाकुरद्वारा परमानंद सिंह को भी मौके पर बुला लिया था। इसी दौरान खनन माफिया ने भीड़ को उकसा कर अफसरों पर हमला कराकर डंपर छुड़ा ले गए थे। अशोक कुमार की ओर से पांच नामजद और 150 अज्ञात के खिलाफ सरकारी कार्य में बांधा, टीम पर हमला समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया था। इस मामले में अब तक 19 आरोपियों की पहचान हो सकी है। पुलिस वीडियो फुटेज के जरिये अन्य आरोपियों की तस्दीक करने में जुटी थी। इसी दौरान बुधवार रात उत्तराखंड के भरतपुर गांव में जफर की तलाश में पहुंची पुलिस पर भीड़ ने टीम पर हमला कर दिया गया था। जिसमें छह पुलिस कर्मी घायल हो गए थे। इसके अलावा ज्येष्ठ उप प्रमुख की पत्नी की गोली लगने से मौत हो गई थी।
इस घटना के बाद पुलिस ऐसी उलझी कि एसडीएम और खनन अधिकारी पर हमला करने वालों की तस्दीक करने का प्रयास ही बंद हो गए। अब पुलिस का पूरा फोकस भरतपुर घटना पर है। सीओ ठाकुरद्वारा अपेक्षा निबाडिया ने बताया कि घटना में शामिल 19 लोगों की पहचान हो चुकी है। अभी अन्य कोई नाम सामने नहीं आया है।
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