मुरादाबाद। मुरादाबाद में पकड़ी गई रोहिंग्या महिला 17 पहले बांग्लादेश के जरिए भारत आई थी। इसके बाद वह मेरठ की मीट फैक्टरी में काम कर रही थी। उसकी बेटियां भी यहीं काम करती थीं। पुलिस और खुफिया एजेंसियों से बचने के लिए आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज बनवा रखे थे।
पुलिस पूछताछ में फातिमा ने बताया कि उसका परिवार मूल रूप से म्यांमार निवासी है। म्यांमार में जहां मेरा परिवार रहता था। वहां से बांग्लादेश की सीमा बहुत नजदीक थी। म्यांमार में तनाव होने के कारण परिवार बांग्लादेश चले गए थे। वहां भी कोई रोजगार नहीं होने के कारण 17 वर्ष पहले वह अपनी तीन बेटियों और एक बेटे अनस को लेकर भाई बटु रहमान के साथ भारत आ गई थी। इसके बाद से ही वह मेरठ में मीट फैक्टरी में काम करने लगे थे। महिला ने बताया कि मेरठ में हमारे अलावा भी बड़ी संख्या में बांग्लादेश और म्यांमार से लोग बसे हैं। पुलिस और खुफिया विभाग की नजरों से बचने के लिए आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज बनवा रखे थे।
सभी ने मेरठ के पतों पर ही आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी कार्ड बनवा थे। महिला ने बताया कि इसके बाद उसका भाई वापस बांग्लादेश चला गया था। तीन साल बाद उसने निसार से निकाह कर लिया था। निसार से भी उसे एक बेटा अयान है। महिला ने बताया कि परिवार के अन्य सदस्य बांग्लादेश के बालू खाली कैंप में रहते हैं। जिससे वह व्हाट्सएप कॉल के जरिए बातचीत करती है।
अनस से मिलने मेरठ जा रहा था परिवार
पुलिस पूछताछ में आरोपी महिला ने बताया कि उसका बेटा अनस मेरठ में अलीपुर जिजमाना स्थित मीट फैक्टरी में काम करता है। रविवार रात सभी लोग अनस से मिलने मेरठ जा रहे थे। कटघर क्षेत्र में करूला रोड पर सवारी का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस कर्मियों ने घेराबंदी कर पकड़ लिया। पुलिस कर्मियों ने महिला, उसके पति और बेटियों के बैगों की तलाशी चली तो फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड बरामद हुए।
मुरादाबाद और मेरठ में बनवाए थे फर्जी दस्तावेज
पकड़ी गई महिला और उसकी बेटियों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उन्होंने ये दस्तावेज मेरठ और मुरादाबाद में बनवाए हैं। इसके लिए उन्होंने दस से पंद्रह हजार रुपये खर्च किए थे।
गुलशन को छोड़कर बांग्लादेश चला गया पति
फातिमा की बेटी गुलशन का निकाह जाहिद के साथ हुआ था। उसका एक आठ माह का बेटा है। महिला ने बताया कि जाहिद मूलरूप से बांग्लादेश निवासी है। जाहिद गुलशन को छोड़कर वापस बांग्लादेश चला गया है। इसके बाद उसने मोबाइल भी बंद कर लिया है। जाहिद का आधार कार्ड भी महिला के पास से बरामद हुआ है।
ये सामान हुआ है बरामद
दस आधार कार्ड, पांच वोटर आईडी कार्ड, दो एटीएम कार्ड, छह पासबुक, दो चेकबुक, एक पासपोर्ट और तीन मोबाइल किए हैं। ये सभी दस्तावेज मेरठ के अल्लीपुर जिजमाना फफूंदा के पते पर बने हैं।
मुरादाबाद के पते पर बन चुके हैं रोहिंग्या और गैंगस्टर दीपक बॉक्सर के पासपोर्ट
मुरादाबाद के पते पर म्यांमार के राेहिंग्या और हरियाणा के गैंगस्टर दीपक बॉक्सर के पासपोर्ट बने थे। तेलंगाना में पकड़े गए रोहिंग्या से पूछताछ में बताया कि उसने मुरादाबाद के अकबरपुर चैंदरी के पते पर पासपोर्ट बनवाया था। जिसके जरिए वह दूसरे देशों में भी घूमकर आया था। इसके अलावा हरियाणा के गैंगस्टर दीपक बॉक्सर ने रवि अंतिल निवासी नत्था नगला गोपाल पुर उर्फ कोकरपुर के पते पर पासपोर्ट बनवाया था। दीपक ने अगवानपुर निवासी दलाल महफूज खां की मदद से बनवाया था।