मिलक। श्रीरामलीला मंच पर नारद मोह के मंचन ने दर्शकों का मन मोहा। वहीं दूसरी ओर नगर के श्रीराम लीला के उद्घाटन पर श्रीराम का जयघोष गूंजा। नगर के श्रीराम लीला मंच पर नारद मोह का मंचन हुआ। जिसमें नारद मुनि भगवान शिव के पास पहुंचते हैं लेकिन वह भगवान शिव की दी गई सीख नहीं मानते हैं और वह श्री हरि को बता देते हैं। श्री हरि माया नगरी की रचना करते हैं और जो बैकुंठ से सुंदर है। नारद मुनि बैराग को छोड़कर जहां पर वह स्वयंवर में शामिल हो जाते हैं। जहां पर राजा शीलनिधि की कन्या विश्वमोहिनी के स्वयंवर में शामिल हो जाते हैं जहां पर तमाम राजा पहुंचते हैं। लेकिन विश्व मोहिनी जैसे ही जयमाल लेकर पहुंचती है। तब वह उत्सुक होते हैं। जबकि वह उनकी तरफ देखती तक नहीं है। इससे पहले बीती रात कोतवाली प्रभारी रवि कुमार ने फीटा काटकर विधिवित शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम हमारे आदर्श हैं। जिनके आदर्शों से सीख लें और उनके बताए रास्ते पर चलें। तब ही रामलीला का मंचन करने का उद्देश्य पूरा होगा। उन्होंने कहा कि श्रीराम ने हमेशा ही दुष्टों का संहार किया और पिता का वचन पूरा करने के लिए राजपाठ छोड़कर बन को चले गए। इस दौरान कमेटी के अध्यक्ष ऋषि ओम गुप्ता, सुरेंद्र शर्मा, सर्वेश अग्रवाल, मुकेश राठौर, राजू गुप्ता, अनुपम गुप्ता, हरिओम रस्तोगी, शिवशंकर रस्तोगी, शिव चरन शर्मा आदि तमाम लोग शामिल रहे।