टांडा। तेज बारिश में गरीब के घर की कच्ची छत भरभराकर गिर गई। गनीमत है कि परिवार के किसी सदस्य को चोट नहीं आई। मकान गिरने की सूचना और मांग पत्र लेकर पीड़ित तहसील पहुंचे लेकिन एसडीएम के नहीं मिलने से मांग पत्र नहीं सौंप पाए। वहीं लगातार हो रही बारिश से क्षेत्र में धान की फसल बर्बाद होने के कगार पर है। तेज हवा के कारण धान की फसल खेतों में बिछ गई है। क्षेत्र के गांव रतुआ नगला निवासी नेत्रपाल सिंह पुत्र मोहर सिंह मेहनत मजदूरी कर किसी तरह अपना परिवार चलाता है। आर्थिक तंगी के कारण वह पक्का मकान नहीं बना पाया। वह कच्चे मकान में परिवार के साथ रह रहा था। मकान के ऊपर लकड़ी की छत डाल दी थी। लकड़ी कमजोर होने के कारण शनिवार की रात आई तेज बारिश में छत में लगी लकड़ियां के टूटने की आवाज आई तो परिवार के लोग जागकर बाहर निकल आया। बाहर आते ही छत भरभराकर गिर गई। जिससे किसी को चोट नहीं आई। रविवार को तहसील में छुट्टी होने के कारण पीड़ित परिवार सोमवार को उपजिलाधिकारी के पास पहुंचा। लेकिन एडीएम के फील्ड में होने के कारण पीड़ित परिवार मांग पत्र नहीं सौंपा जा सका। पीड़ित ने नुकसान का अनुदान तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास बनवाने की मांग है। वहीं लगातार हो रही बारिश का प्रकोप धान की फसलों पर भी पड़ना शुरू हो गया है। मौसम में आए बदलाव से कई दिन से हो रही बारिश से धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है।