फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसानों को समझाने में छूटे अधिकारियों के पसीने

विज्ञापन
विज्ञापन
बहजोई। कलक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन हो या फिर एनएच पर जाम। दोनों ही स्थानों पर किसानों को समझाने में अफसरों के पसीने छूटे। आलम यह था कि कहीं डीएम कक्ष में एडीएम ने भाकियू पदाधिकारियों को समझाया, तो कहीं डिप्टी कलक्टर कक्ष में बैठकर एसडीएम चंदौसी व सीओ चंदौसी ने। यहां तक कि खनन विभाग के दफ्तर में मौजूद कुछ भाकियू पदाधिकारियों को समझाने में एलआईयू निरीक्षक ने भी पूरा दमखम लगा दिया। इसके बाद कड़ी धूप में किसानों के साथ एनएच पर खड़े होकर एडीएम, एसडीएम चंदौसी व सीओ चंदौसी ने किसानों को समझाने व मनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। खास बात तो यह रही कि अफसरों के समझाने के बाद एक पल तो ऐसा लगता कि किसान मान जाएंगे, लेकिन दूसरे पल ही किसान विरोध करते हुए फिर से एनएच पर बैठ जाते। कई बार अफसरों से किसानों की वार्ता विफल रही। इसके काफी देर बाद एडीएम के आश्वासन पर भरोसा करते हुए भाकियू पदाधिकारी व किसान माने और एनएच पर से जाम हट सका।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें