चंदौसी। एमएस स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के आधार पर फसलों के मूल्य दिलाने सहित कुछ अहम मुद्दों को लेकर देश के कुछ बड़े किसान संगठन साथ मिलकर देशव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे। 23 जुलाई को मुरादाबाद मंडलायुक्त कार्यालय का घेराव करेंगे। 26 जुलाई से भारतीय किसान यूनियन (असली) समेत देश के 32 किसान संगठनों की सहभागिता वाले राष्ट्रीय किसान महासंघ के तत्वावधान में किसान जागरण यात्रा निकाली जाएगी। जिसकी शुरुआत कुपवाड़ा (श्रीनगर) से की जाएगी। राष्ट्रीय किसान महासंघ के उत्तर प्रदेश के संयोजक और भाकियू (असली) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह ने बताया कि किसानों की दिक्कतें कम नहीं हो रही हैं। कोई सरकार किसानों की समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं हैं। लेकिन अब लड़ाई देश के सभी प्रमुख किसान संगठन मिलकर लड़ेंगे। देशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। सभी किसानों को कर्ज मुक्त किया जाए। एमएस स्वामीनाथन की रिपोर्ट के आधार पर फसलों के दाम तय होने चाहिए। फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम दाम पर खरीद को संगीन अपराध माना चाहिए। इन्हीं सब मांगों को लेकर 23 जुलाई को मुरादाबाद कमिश्नरी का घेराव किया जाएगा। चार अगस्त को 32 किसान संगठनों की बैठक होगी। 26 जुलाई से 26 अगस्त तक किसान जागरण यात्रा निकाली जाएगी। उधर भाकियू (असली) की युवा शाखा की चंदौसी में चौधरी चरण सिंह पार्क में आयोजित बैठक में मंडलाध्यक्ष (युवा) ऋषभ चौधरी ने कहा कि सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य तय तो कर दिया, लेकिन उस पर फसलों की खरीद नहीं हो रही है। मंडियों में सरेआम किसानों का शोषण किया जा रहा है। सी-2 में पचास फीसदी मुनाफा जोड़कर फसलों के दाम तय होने चाहिए। लेकिन मौजूदा समय में मक्का पर 520 रुपये, धान पर 590 रुपये, अरहर पर 1796, मूंग पर 2266 रुपये प्रति क्विंटल का घाटा दिया जा रहा है। मिलों पर बकाया 12 हजार करोड़ हो गया है। प्रदेश सचिव आशिक रजा, चौधरी बृजपाल सिंह, धर्मवीर सिंह, हरि सिंह यादव, श्योराज यादव, रामवीर यादव, मनोहर सिंह, मान सिंह, प्रवीन यादव, नरेंद्र सिंह, ख्याली सिंह, अंकुर दास, विजय आदि रहे।