मुरादाबाद/बरेली। उत्तराखंड के भरतपुर गांव में मुरादाबाद पुलिस टीम पर हमला कर फरार हुए एक लाख के इनामी खनन माफिया जफर की तलाश में 15 टीमें लगाई गईं हैं। एसपी देहात और सीओ सिविल लाइंस के नेतृत्व में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं। आरोपी जफर का परिवार भी भूमिगत हो गया है।
ठाकुरद्वारा में 13 सितंबर को खनन माफिया और उसके गुर्गे एसडीएम और खनन अधिकारी पर हमला कर डंपर छुड़ा ले गए थे। इस मामले में ठाकुरद्वारा में पांच नामजद और 150 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। अब तक पुलिस 17 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। डिलारी के काकरखेड़ा निवासी जफर फरार चल रहा था। जिस पर डीआईजी ने 50 हजार का इनाम घोषित किया था। 12 अक्तूबर की शाम पांच बजे जफर ठाकुरद्वारा में कमालपुरी चौराहे के पास पुलिस और एसओजी पर फायरिंग कर उत्तराखंड सीमा में घुस गया था। पुलिस टीम भी उसका पीछा करते हुए उत्तराखंड की सीमा में पहुंच गई थी। इसी दौरान आरोपी उत्तराखंड के भरतपुर गांव में गुरताज सिंह भुल्लर के मकान में घुस गया था। पुलिस टीम भी यहां पहुंच गई थी। पुलिस अफसरों का दावा है कि यहां जफर, मकान स्वामी गुरताज सिंह भुल्लर, उसके पिता और चाचा समेत अज्ञात लोगों ने टीम पर हमला कर दिया था। इसके बाद जफर मौके से भाग गया था। डीआईजी शलभ माथुर ने बताया कि जफर की तलाश में दस टीमें गठित की गई हैं। आरोपी जफर का परिवार भी भूमिगत हो गया है। आरोपी जफर उत्तराखंड से बिजनौर, मुरादाबाद या रामपुर की सीमा में प्रवेश कर सकता है। इस लिए टीमें अलग अलग जनपदों में दबिश दे रही हैं।
एडीजी बरेली जोन राज कुमार ने बताया कि जफर पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है। साथ ही उसकी गिरफ्तारी के लिए पांच टीमों का गठन कर दिया। ये टीमें मुरादाबाद की टीमों से अलग बनाई गई हैं और इनमें अलग-अलग जिलों के पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया है। सूत्रों के मुताबिक यूपी पुलिस की ओर से इस मामले में उत्तराखंड पुलिस के खिलाफ असहयोग की शिकायत करते हुए अपने डीजीपी को पत्र भी लिखा गया है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।