फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देश सेवा की शपथ लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस का हिस्सा बने 125 सब इंस्पेक्टर

विज्ञापन
परेड ग्राउंड में पास आउट होने के बाद खुशी इजहार करते सब इंस्पेक्टर - फोटो : AMAR UJALA
विज्ञापन
अमर उजाला मुरादाबाद। देश सेवा और कोविड 19 से जंग के लिए शुक्रवार को 125 सब इंस्पेक्टर का बैच उत्तर प्रदेश पुलिस का हिस्सा बन गया। डा बीआर अंबेडकर पुलिस अकादमी के परेड ग्राउंड में शपथ समारोह का आयोजन किया गया। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस को देखते हुए सोशल डिस्टेंस का विशेष ध्यान रखा गया और परेड का कार्यक्रम नहीं किया गया। एडीजी राजीव कुष्ण ने प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को शपथ दिलाई। डा बीआर अंबेडकर पुलिस अकादमी में वर्ष 2019 बैच का प्रशिक्षण पिछले वर्ष मार्च माह से शुरू हुआ था। जिसमें 133 प्रशिक्षु उप निरीक्षक ने भाग लिया। एक साल चली ट्रेनिंग के दौरान इन्हें आउट डोर और इंडोर का उच्च स्तर का प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान इन्हें आधुनिक भारत में पुलिस संगठन एवं पुलिस कार्य पद्धाति, भारतीय दंड सहिता, दंड प्रक्रिया सहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम, संविधान एवं मानवाधिकार, स्थानीय एवं विशेष अधिनियम, पुलिस रेगुलेशन, सामान्य, जघन्य एवं विशेष अपराधों की विवेचना, अपराध शास्त्र,पुलिस मनोवृत्ति शास्त्र, विधि विज्ञान, एवं चिकित्सा शास्त्र, थाना प्रबंधन, अपराध नियंत्रण एवं शांति व्यवस्था, कंप्यूटर साइंस एवं साइबर क्राइम , पुलिस की छवि व्यवहार और संवाद कौशल, योगासन, ड्राइविंग, तैराकी, घुड़सवारी, बाधा कोर्स, विस्फोटक का ज्ञान समेत अन्य विषयों पर एक साल तक प्रशक्षिण चला। 125 प्रशिक्षु सभी परीक्षओं के उत्तीर्ण हुए। इनमें सौ प्रशिक्षु नए बैच के और 25 प्रशिक्षु मृताश्रित कोटे से आए हैं। दो महिला सब इंस्पेक्टर हैं। जबकि आठ प्रशिक्षु अनुत्तीर्ण हो गए। जिन्हें तीन माह का अतिरिक्त समय दिया गया है। अकादमी के परेड मैदान में सभी प्रशिक्षु उप निरीक्षक की फुल ड्रेस में पहुंचे। इस दौरान अतिथि दीर्घा से लेकर मैदान तक सोशल डिस्टेंस का विशेष ध्यान रखा गया। अधिकारी से लेकर प्रशिक्षु तक सभी ने मुंह पर मास्क लगा रखा था। मुख्य अतिथि एडीजी राजीव कुष्ण ने कर्तव्य निष्ठा की शपथ दिलाई। उन्होंने इस दौरान कि आज से आप लोगों की असली परीक्षा शुरू होती है। उन्होंने सभी को शुभकामनाएं देते हुए कि आज देश में कोविड 19 का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। केंद्र व राज्य सरका इसे निपटने के लिए प्रयासरत है। हम सभी को इससे जंग लड़नी है। सोशल डिस्टेंस और लोगों को जागरूक करके ही कोरोना वायरस को मात दी जा सकती है। इस दौरान डीआईजी पूनम श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक बसंत लाल, पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार, पुलिस उपाधीक्षक सुदेश कुमार, पूनम मिश्रा समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।     पास आउट होते ही उउ़ाई सोशल डिस्टेंस की धज्जियां मुरादाबाद। परेड ग्राउंड में सोशल डिस्टेंस का पालन किया गया। मुख्य अतिथि ने सभी सब इंस्पेक्टरों को सोशल डिस्टेंस का पाठ पढ़या। उन्हें इसके बारे में विस्तार समझाया भी कि देश में बढ़ रही वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से सामाजिक दूरी बनाकर ही लड़ा जा सकता है। लेकिन देश सेवा की लेने चंद मिनट बाद ही नए बैच के उप निरीक्षक कुछ भूल गए। परेड ग्राउड से बाहर निकलते ही इन्होंने सोशल डिस्टेंस की धज्जियां उड़ा दी। एक दूसरे के पास खड़े होकर फोटो बनाए तो सर्वांग सर्वोत्तम को हवा में उछाला। इस दौरान इनके बीच कोई सामाजिक दूरी दिखाई नहीं दी। एक दूसरे को गले मिलकर और हाथ मिलाकर बधाई दी गईं।        सिपाही से दरोगा बने योगेश चुने गए सर्वांग सर्वोत्तम मुरादाबाद। आउड डोर और इंडोर में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले योगेश कुमार यादव को सर्वांग सर्वोत्तम चुना गया। योगेश मुलरूप से अमरोहा के नौगावां सादात थानाक्षेत्र के पीला कुंड गांव निवासी हैं। उनके पिता राजपाल सिंह यादव हैं। योगेश ने बताया कि वह यूपी पुलिस में कांस्टेबल के पद पर तैनात थे। लेकिन उन्होंने अपनी आगे की तैयारी जारी रखी। 2019 में उनका चयन सब इंस्पेक्टर के पद पर हो गया था। उनकी पत्नी प्रीति यादव भी यूपी पुलिस में कांस्टेबल हैं। प्रीति की तैनाती रामपुर में है। योगेश को नोएडा में तैनाती दी गई है। योगेश ने बताया कि वह कोरोना वायरस के खात्मे के लिए पहले दिन से ही जुट जाएंगे। मुख्य अतिथि ने उन्हें मेडल पहना कर सम्मानित किया।     आपके सामने सबसे बड़ा चैलेंज कोरोना वायरस मुरादाबाद। एडीजी राजीव कुष्ण ने कहा कि इस समय पूरा विश्व कोविड 19 जैसी आपदा से जूझ रहा है। अपने देश के लगभग सभी प्रदेशों में भी संक्रमण फैल चुका है। इस काल में आपके सामने सबसे पहले कोरोना वायरस कोविड 19 का चैलेंज है। उन्होंने बताया कि पाठ्यक्रम में सभी पदों के प्रशिक्षण में आपदा से निपटने का विशेष जोड़ा गया है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य कर्मी पर हो रहे हमलों के खिलाफ कानून पारित किया गया है। जिसमें सात साल की सजा और पांच लाख रुपये का जुर्माना लग सकेगा। इसकी पूरी जानकारी सभी के व्हाट्सएप पर भेज दी गई है। इस बारे में अपने सीनियर से इस बारे में चर्चा कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें