मुरादाबाद। कुंदरकी के चौदह साल पुराने किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में अदालत ने मुलजिम को दोषी करार देते हुए दस साल के कठोर कारावास और 35 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
कुंदरकी थाने में क्षेत्र के गांव निवासी एक ग्रामीण ने 15 मार्च 2008 को केस दर्ज कराया था। जिसमें उसने कहा था कि उसकी 14 वर्षीय बेटी चौदह मार्च की देर शाम करीब आठ बजे दुकान से सामान लेने गई थी। काफी देर बाद भी वह घर नहीं पहुंची तो उसकी तलाश की गई, तब गांव के ही कुछ लोगों ने बताया कि उसकी बेटी को सुनील कुमार उर्फ मून अपने साथ लेकर जा रहा था। पुलिस ने लड़की की तलाश शुरू कर दी। करीब तीन माह बाद लड़की को भवालपुर से बरामद किया था और आरोपी सुनील कुमार उर्फ मून को भी गिरफ्तार कर लिया गया था। कोर्ट में पेश करने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया था। इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या प्रथम योगेंद्र चौहान की अदालत में की गई।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक यादव ने बताया कि पीड़िता ने अदालत में अपने बयानों में बताया कि आरोपी उसे नशा सुंघा कर अपने साथ ले गया था और आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी सुनील कुमार उर्फ मून को अपहरण और दुष्कर्म का दोषी करार देते हुए उसे दस साल के कठोर कारावास की सजा के साथ उस पर 35000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।