यदि आप फील्ड में काम करते हैं या सफर कर रहे हैं तो बार-बार पानी पीते रहें और सिर पर सूती गमछा रखें। बाहर का खाने से भी बचें। गर्मी में जरा सी लापरवाही से आपको वायरल इन्फेक्शन, फूड पॉयजनिंग या डायरिया का सामना करना पड़ सकता है। अस्पतालों में मरीजों का बढ़ता आंकड़ा यही कह रहा है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में रोज बुखार के 200 से ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं। जबकि भर्ती होने वालों का आंकड़ा भी 100 के पार है। जिला अस्पताल में 240 बेड हैं, जबकि 260 से ज्यादा मरीज भर्ती हैं। ऐसे में कुछ वार्डों में एक बेड पर दो मरीज भी भर्ती किए गए हैं। बच्चा वार्ड, जीरियाटिक वार्ड, मेडिसिन वार्ड, फीवर वार्ड तक सभी जगह मरीजों की भरमार है। ज्यादातर मरीज बुखार व उल्टी-दस्त की परेशानी वाले हैं। भर्ती करने के बाद इन्हें फ्लड चढ़ाया जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि बाहर का तला-भुना खाने व गर्मी में सावधानी न बरतने से लोग बीमार पड़ रहे हैं। आने वाले दिनों में गर्मी व लू का प्रभाव बढ़ेगा। इसलिए अस्पताल में कोल्ड रूम भी तैयार किए गए हैं।
गर्मी में सिर्फ पानी नहीं, इलेक्ट्रॉल या ओआरएस पीएं
फिजीशियन डॉ. विनीत तोमर का कहना है कि जो लोग धूप में फील्ड में काम करते हैं। खासकर डिलीवरी बॉय, मजदूर, रिक्शा चालक व अन्य, उन्हें अपने साथ पानी की बोतल रखनी चाहिए। पानी में इलेक्टरॉल या ओआरएस मिलाकर पीएं। इससे शरीर में डीहाईड्रेशन नहीं होगा। हर दिन नारियल पानी पीने से भी डायरिया से बचे रहेंगे। दही, छाछ व सलाद का इस्तेमाल भोजन के साथ करें।
ओपीडी का आंकड़ा
तारीख मरीजों की संख्या
1 मई 1503
2 मई 1329
3 मई 874
4 मई 1354
5 मई 1540
6 मई 1546
7 मई 1352
भर्ती मरीजों का आंकड़ा
तारीख मरीजों की संख्या
1 मई 140
2 मई 103
3 मई 107
4 मई 98
5 मई 129
6 मई 140
7 मई 106
इन बातों का रखें ख्याल
- बाहर से आकर फौरन ठंडा पानी न पीएं
- गर्मी से फौरन एसी में या एसी से गर्मी में न जाएं
- रात में हल्का खाना खाएं
- सलाद, दही, छाछ, नारीयल पानी का सेवन करें
- पूरी आस्तीन के सूती कपड़े पहनकर बहर निकलें
- जंक फूड बिल्कुल न खाएं
- बच्चों व बुजुर्गों को दोपहर 12 से 3 तक बाहर न निकालें
- गर्मी बढ़ने से ओपीडी व आईपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ी है। खानपान व छोटी-छोटी सलाह का पालन किया जाए तो लोगों को यह परेशानी नहीं होगी। रोजाना 6-7 लीटर पानी पीएं। अस्पताल में पर्याप्त दवाइयां व व्यवस्थाएं हैं।
- डॉ. राजेंद्र कुमार, चिकित्साधीक्षक