फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दुष्कर्मी ससुर को दस साल का कठोर कारावास

सार

जिसके बाद आरोपी और उसके पिता ने भी पीड़ित के साथ दुष्कर्म किया था। इस मुकदमे में आरोप पत्र ससुर व अन्य के खिलाफ दाखिल किया गया था। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी ससुर को घटना का दोषी करार देते हुए उसे दस साल के कठोर कारावास की सजा के साथ उस पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुरादाबाद। पुत्रवधु से दुष्कर्म के मामले में मुलजिम ससुर को अदालत ने दोषी करार देते हुए दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है साथ ही 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जबकि एक अन्य आरोपी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया है।
विज्ञापन

मामला संभल जनपद के हयात नगर थानाक्षेत्र का है। 11 नवंबर 2014 को एक युवती ने केस दर्ज कराया था। जिसमें कहा था कि एक युवक ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। इस मामले में आरोपी को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी। जमानत पर रिहा होने के बाद आरोपी बदला लेने के लिए पीड़ित के घर में घुस गया था। युवती ने बताया कि उसकी छोटी बहन 15 वर्षीय के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। जिसे रंगे हाथ पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया था, लेकिन पुलिस से मिलकर आरोपी उसकी छोटी बहन को उठा कर ले गए और आरोपी के साथ निकाह करा दिया। जिसके बाद आरोपी और उसके पिता ने भी पीड़ित के साथ दुष्कर्म किया था। इस मुकदमे में आरोप पत्र ससुर व अन्य के खिलाफ दाखिल किया गया था। जबकि पति का नाम निकाल दिया गया था। केस की सुनवाई एफटीसी कोर्ट संख्या एक में सुनवाई चली। सरकार की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी अशोक यादव ने अदालत को पीड़ित और अन्य गवाहों के बयानों को बताते हुए कहा कि आरोपी तथाकथित ससुर है। जिसने पहले अपने पुत्र का जबरन निकाह पीड़िता से कराया और बाद में उसके साथ दुष्कर्म किया। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी ससुर को घटना का दोषी करार देते हुए उसे दस साल के कठोर कारावास की सजा के साथ उस पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें