विशेष न्यायाधीश आसिफ इकबाल रिजवी की अदालत ने उत्तर प्रदेश राज्यशिक्षक भर्ती 2014 में फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर काउंसिलिंग कराने के मामले में दो आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका निरस्त कर दी। अभियोजन के अनुसार संयुक्त शिक्षा निदेशक निरंजन ने 27 मार्च 2016 को शहर कोतवाली में मामले की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बताया कि मंडल में स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त सहायक अध्यापक, अध्यापिकाओं के पदों पर वर्ष 2014 में भर्ती निकली थी। नियुक्ति प्रक्रिया में अभ्यर्थियों के मौखिक अभिलेखों के सत्यापन में पुरुष शाखा में 119 व महिला शाखा में 88 आवेदन फर्जी पाए गए। उनकी सूची के कार्यालय की ओर से तैयार की गई। मामले में आरोपी प्रतिभा यादव निवासी चाकनिराहूल, चौफटका, जीटीबी नगर प्रयागराज और हाश्मी निवासी करियांव मछलीशहर, मीरपुर जौनपुर ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। इनपर फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर काउंसिलिंग कराने का आरोप है। शासकीय अधिवक्ता ने दोनों आरोपियों के अग्रिम जमानत का विरोध किया। विशेष न्यायाधीश आसिफ इकबाल रिजवी ने प्रतिभा यादव व हाश्मी का अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।